पटना। बिहार के मुजफ्फरपुर के शेल्टर होम में लड़कियों के साथ रेप की घटना ने बिहार की राजनीति में भूचाल ला दिया है। इस मामले में लेफ्ट पार्टियों की अगुआई में गुरुवार को बिहार बंद है। बंद को आरजेडी और कांग्रेस का भी समर्थन है। लेफ्ट पार्टियां शेल्टर होम मामले में सीएम नीतीश कुमार से इस्तीफा की मांग कर रही हैं। बंद के कारण पटना में सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया है। प्रदेश में कई जगहों पर ट्रेनें भी रोकी गई हैं।
Muzaffarpur Rape case came to power in politics, left support of RJD and Congress to Left
बता दें कि मुजफ्फरपुर के बालिका गृह में 34 लड़कियों के साथ रेप की खबर के बाद राज्य में सियासी घमासान मचा हुआ है। विपक्षी दल राज्य सरकार पर लगातार हमले कर रहे हैं। इधर, बंद के दौरान राजधानी पटना में सुरक्षाकर्मियों और प्रदर्शनकारियों से झड़प और हाथापाई की भी खबरें हैं। पटना में सभी स्कूलों को ऐहतियातन बंद कर दिया गया है और शहर में आॅटो भी नहीं चल रहे हैं। वहीं जहानाबाद, मधुबनी और दरभंगा में ट्रेनों को भी रोका गया है।
इस बीच आरजेडी नेता तेजस्वी कुमार ने सीएम नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी से मुजफ्फरपुर बलात्कार कांड पर मुंह खुलवा कर रहूंगा। उनकी आपराधिक चुप्पी तुड़वा कर रहूंगा। उनकी कुंभकर्णी अंतरात्मा को जगा कर रहूंगा। उनकी फर्ज़ी नैतिकता उजागर करके रहूंगा। उनका बनावटी मुखौटा उतार कर रहूंगा। चाहे जो समय लगे।’
मालूम हो कि पुलिस ने 44 लड़कियों के बयान रेकॉर्ड किए थे। वहीं सूत्रों के अनुसार सीबीआई ने 2010 से लेकर 2018 के बीच ब्रजेश ठाकुर के एनजीओ और अखबार को मिले फंड की डीटेल राज्य सरकार से मांगी है। सूत्रों के अनुसार इसकी डीटेल आने के बाद सीबीआई उन अधिकारियों से भी पूछताछ कर सकती है जिन्होंने इस फंड को देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसके अलावा बिहार सरकार ने ब्रजेश के मान्यता प्राप्त पत्रकार होने की सारी सुविधाएं खत्म कर दी हैं।
राज्यपाल ने लिखा नीतीश को पत्र
मुजफ्फरपुर शेल्टर होम में बच्चियों से दरिंदगी के मामले में सीबीआई ने जांच शुरू कर दी है। इस मामले को लेकर सूबे में सियासत गर्म है। संसद तक इसकी गूंज सुनाई दे रही है। उधर, अब इस मामले में राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने भी अपनी चिंता जताई है। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री, चीफ जस्टिस और केंद्रीय कानून मंत्री को लिखे पत्र में प्रदेश में संचालित सभी आश्रय गृहों की निगरानी का सुझाव दिया है।

