ब्रजेश राजपूत की ग्राउंड रिपोर्ट
दृश्य एक । इंदौर में सैफी मसजिद का इलाका। हर जगह कडी सुरक्षा घेरा। पुलिस का और दाउदी बोहरा समाज के वालंटियरों का भी। सैफी मसजिद में मजलिस में बोहरा समाज के 53 वें सैयदना मुफददल सैफुददीन की वाअज चल रही है। चूंकि मसजिद में सारे लोग बैठ नहीं सकते इसलिये के पास के दो बडे पंडालों में हजारों लोग सामने टंगी हुयी बडी सी एलईडी स्क्रीन पर वाअज सुन रहे हैं ओर मातम कर रहे है। दरअसल ये मोहर्रम का महीना है इसलिये दस दिन का अशरा मुबारक मनाया जाता है इस दौरान हजरत पैगंबर मोहम्मद के नाती हजरत इमाम हुसैन की शहादत की कथा सुनाई जाती है और लोग उस कुर्बानी को याद कर शोक मनाते हैं छातियां पीटकर मातम मनाते हैं।
In Modi, Modi is a Muslim and Rahul remembers Ram …
अंदर हजारों लोगों का इतना बडा कार्यक्रम चल रहा है मगर बाहर से इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता कि अंदर क्या हो रहा है। कोई शोरगुल नहीं, कोई लाउड स्पीकर एनाउंसमेंट नहीं, कोई भी होर्डिग्स बैनर पोस्टर नहीं। थोडी थोडी दूर पर बोहरा समाज के वालंटियर दिखते हैं जो वाअज सुनने आने वालों को रास्ता दिखाकर बैठा रहे हैं। साफ सफाई को लेकर बेहद सतर्क। पत्रकार सुनील जोशी कहते है इंदौर में इस कार्यक्रम के चलते होटल नहीं मिल रहे सैयदना के वाअज को सुनने देश और विदेश से करीब एक लाख लोग आये हैं मगर शहर को हवा ही नहीं लग रही। सब कुछ शांति से चल रहा है।
और इसी कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी जी को आना है मगर शहर में कही स्वागत के बैनर पोस्टर और तोरण द्वार नहीं दिख रहे। इस पर हम हैरानी जता रहे थे साथ ही सोच रहे थे कि मोदी जी सिर्फ सैयदना से मिलने दिल्ली से भागे भागे भला क्यों आ रहे है। मोदी जी आते हैं सैयदना अपनी तकरीर बीच में रोक कर उनका इस्तकबाल करते हैं मोदी जी गले मिलते हैं और बैठ जाते हैं सैयदना के बगल में अब तक जो वाअज अरबी और गुजराती में चल रही थी वो बदल जाती है सैयदना हिंदी में बोलने लगते हैं मोदी जी से समाज के रिश्तों का जिक्र करते है।
मोदी जी भी बारी आने पर दाउदी बोहरा समाज से अपने पुराने रिश्तों की बात करते हैं और जब बात आती है इस समाज की उद्यमिता की तो बात बढ जाती है जीएसटी और नोटबंदी की तरफ फिर निकल पडते हैं मोदी जी अपनी सरकार की योजनाओं पर और थोडी देर पहले की शोकसभा बदल जाती है चुनावी आम सभा में। चुनाव से ही याद आया कि प्रदेश में करीब डेढ करोड मुसलमान हैं जिनमें से बीस लाख दाउदी समाज के लोग हैं और इनमें से तकरीबन ढाई लाख दाउदी बोहरा समाज के लोग एमपी में हैं। इंदौर के पत्रकार राजेश राठौर कहते हैं कि मोदी जी ने यहां आकर शुद्घ राजनीतिक संदेश दिया और चुनाव के लिये मुसलमानों से दूसरे तरीके से वोट मांगे हैं हो सकता है शिवराज जी को आने वाले चुनावों में इससे मदद मिले।
दृश्य दो। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भोपाल पहुंचे हैं। उनका रोड शो चल रहा है। रास्ते भरे कार्यकर्ता उनकी बस की ओर निहार रहे हैं। कहीं माला तो कहीं फूल फेंके जा रहे हैं। राहुल के रास्ते में लगे होर्डिग्स में उनका जो नया परिचय दिया जा रहा है वो हैरान करने वाला है। कई जगह होर्डिग्स में लिखा है शिवभक्त राहुल गांधी। राहुल गांधी मानसरोवर यात्रा से क्या लौटे हैं उनकी प्रोफाइल में नयी बात और जुड गयी। राहुल का रोड शो जैसे जैसे ही सभास्थल के पास पहुंचता है वहां पर स्टेज लगाये खडे कांग्रेस नेता गिरीश शर्मा शिव जी की वेषभूपा में खडे किये व्यक्ति से तांडव करवाने लगते हैं। गिरीश कहते हैं राहुल शिवभक्त हैं इसमें किसी को ऐतराज क्यों हैं हमारी नेता की ये बात हमको अच्छी लगती है इसलिये उसको प्रचारित करने में क्या बुराई है।
कांग्रेस के साफ्ट हिंदू छवि बनाने की बात यहीं नहीं रूक रही। राहुल 27 को फिर एमपी के दौरे पर आ रहे हैं और इस बार वो चित्रकूट से शुरू कर रहे हैं और मुददा बनायेंगे रामपथगमन को। बीजेपी की रामभक्त सरकार ने रामपथगमन के निर्माण के वायदे किये थे मगर पथ जैसा कुछ बना नहीं हैं इसलिये राहुल अब चित्रकूट में राम की पूजा कर कामदगिरी की परिक्रमा करेंगे और रामपथगमन की योजना पर सवाल खडा करराम भक्त शिवराज सरकार को घेरेंगे। राहुल को अचानक राम याद आने पर लोग हैरान हैं। मगर समझ सब आ रहा है कि दो महीने बाद विधानसभा के चुनाव हैं तो राहुल को राम और मोदी को मुसलमान याद आ रहे हैं। देखना ये है कि जनता इस बार किसको याद रखती है राहुल के राम प्रेम को या मोदी के मुसलमानों के प्रति उमडे प्यार को।

एबीपी न्यूज भोपाल।

