सैनिकों की बर्बरतापूर्ण हत्या पर आर्मी चीफ रावत सख्त, पाक की बढ़ी बेचैनी, कहा हमने शांति का मार्ग चुना

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इस्लामाबाद। जम्मू-कश्मीर में पुलिसकर्मियों की बर्बरतापूर्ण हत्याओं पर इंडियन आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत द्वारा सख्त कार्रवाई की बात कहने पर पाकिस्तान की तरफ बेचैनी बढ़ते देखी जा सकती है और वह ‘शांति के मार्ग’ की बात कर रहा है। जनरल रावत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान की सेना ने शनिवार को कहा कि वह ‘युद्ध के लिए तैयार’ है लेकिन उसने अपने लोगों के हित में शांति के रास्ते पर चलना पसंद किया है।
Army chief Rawat strict on Pakistans’ brutal assassination, Pak’s increased restlessness, said, We chose the path of peace
उल्लेखनीय है कि जनरल रावत ने कहा कि हमें पाकिस्तानी सेना और आतंकवादियों के द्वारा की जा रही बर्बरतापूर्ण घटनाओं का बदला लेने के लिए सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हां, अब समय आ गया है कि उन्हें उसी तरीके से इस पर जवाब दिया जाए।  ‘डॉन’ अखबार की एक खबर के मुताबिक, दुनिया टीवी को दिए इंटरव्यू में पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता आसिफ गफूर ने कहा कि देश का आतंकवाद से लड़ने का लंबा रिकॉर्ड रहा है और ‘हम शांति की कीमत जानते हैं।’

इससे पहले में जम्मू कश्मीर में बीएसएफ के एक जवान और तीन पुलिसकर्मियों की बर्बर हत्या पर टिप्पणी करते हुए जनरल रावत ने जयपुर में कहा, ‘आतंकवादियों और पाकिस्तानी सेना द्वारा हमारे सैनिकों के खिलाफ बर्बरतापूर्ण कार्रवाई का बदला लेने के लिए हमें कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है। उन्हें उन्हीं के तरीके से जवाब दिए जाने का समय है लेकिन वैसी ही बर्बरता अपनाने की जरूरत नहीं। मुझे लगता है कि दूसरे पक्ष को भी वही दर्द महसूस होना चाहिए।’

पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा बीएसएफ जवान की हत्या करने के भारत के दावे को खारिज करते हुए गफूर ने कहा, ‘हमने पिछले दो दशकों में शांति कायम करने के लिए संघर्ष किया है। हम कभी किसी सैनिक का अपमान करने के लिए कुछ नहीं कर सकते।’ गफूर ने कहा, ‘उन्होंने (भारत) पूर्व में भी हम पर एक जवान के शव को क्षत विक्षत करने का आरोप लगाया था। हमारी पेशेवर सेना है। हम कभी ऐसे काम नहीं करते।’ प्रवक्ता ने कहा, ‘पाकिस्तानी सेना युद्ध के लिए तैयार है लेकिन हमने पाकिस्तान, पड़ोसियों और क्षेत्र के लोगों के हित में शांति की राह पर चलना पसंद किया है।’

दोनों देशों की सेनाओं के बीच वाकयुद्ध तब शुरू हुआ जब एक दिन पहले भारत ने इस महीने न्यू यॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर पाकिस्तान के साथ विदेश मंत्री स्तर की वार्ता रद्द कर दी। इस वार्ता के रद्द होने पर पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया। इमरान ने लिखा, ‘शांति बहाली के लिए शांति वार्ता की शुरूआत की मेरी पहल पर भारत के अहंकारी और नकारात्मक जवाब से बेहद निराश हूं।

हालांकि, मैं अपनी पूरी जिंदगी ऐसे छोटे लोगों से मिला हूं जो बड़े दफ्तरों पर ऊंचे ओहदे पर बैठे हैं, लेकिन उनके पास आगे तक देख सकने के लिए दूरदर्शी सोच का अभाव है।’ इमरान के इस बयान की न सिर्फ बीजेपी बल्कि कांग्रेस ने भी कड़ी निंदा की। कांग्रेस ने कहा कि वह भारत सरकार और प्रधानमंत्री के बारे में अपशब्द को स्वीकार नहीं करेगी।