लोकसभा में अखिलेश बोले-SIR के बहाने NRC किया जा रहा:मनीष तिवारी ने कहा- चुनाव आयोग SIR नहीं करा सकता, ये गैरकानूनी

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TIO नई दिल्ली

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यूपी के सीएम कह रहे हैं कि हम डिटेंशन सेंटर बना रहे हैं। जो ये खुलकर नहीं कर सकते हैं वो SIR के बहाने कर रहे हैं।

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इससे पहले चर्चा की शुरूआत कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने की। उन्होंने कहा कि देश के 12 राज्यों में किया जा रहा SIR गैरकानूनी है। संविधान में पूरे राज्य में एक साथ SIR को लेकर कोई कानून नहीं है, इसे तत्काल रोकें।

इसके साथ ही तिवारी ने कहा कि देश में चुनावों से पहले डायरेक्ट केस ट्रांसफर करने पर रोक लगनी चाहिए, चुनाव EVM की जगह बेलट पैपर से कराए जाने चाहिए। साथ ही चुनाव आयुक्त के चयन करने वाली कमेटी में राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को शामिल करना चाहिए।

विपक्ष के विरोध के बाद चर्चा तय की गई थी

2 दिसंबर को विपक्ष ने संसद के बाहर और अंदर SIR पर बहस की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था।
2 दिसंबर को विपक्ष ने संसद के बाहर और अंदर SIR पर बहस की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था।

संसद के शीतकालीन सत्र की शुरूआत से ही विपक्ष SIR और वोट चोरी पर चर्चा की मांग कर रहा है। सत्र के पहले और दूसरे दिन यानी 1-2 दिसंबर को विपक्ष ने चर्चा कराने को लेकर हंगामा किया था।

इसके बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने 2 दिसंबर को सरकार और विपक्ष के नेताओं को मुलाकात के लिए बुलाया था। जहां सरकार और विपक्ष ने 9 दिसंबर को लोकसभा में 10 घंटे चर्चा को लेकर सहमति जताई थी।

टीएमसी सांसद बोले- बीजेपी बंगाली हेटर है

बीजेपी बंगाली हेटर है। यही वजह है कि विद्यासागर की प्रतिमा तोड़ी गई, प्रधानमंत्री बंकिम दा बोल रहे। जब बंकिम चंद्र चटर्जी का जन्म हुआ था, मोदी जी से तीन जेनरेशन पहले, उनको भी वह दादा बोल देते हैं। कभी सरदार पटेल को दादा बोला क्या। कल्याण बनर्जी ने कहा कि मतुआ कम्युनिटी के लोगों ने भूख हड़ताल की, जिस कम्युनिटी से एक केंद्रीय मंत्री है।

कल्याण बनर्जी बोले- PM को बिहार में एक भी घुसपैठिया नहीं मिला

टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा- बिहार में तो आप लोगों ने बहुत कुछ बोला था। मोदी जाकर बोले कि हमलोग घुसपैठिए निकालने के लिए एसआईआर किया है। एक घुसपैठिया नहीं मिला। यदि विदेशी आ रहे हैं, तो आप अपने कर्तव्य निभाने में फेल हैं। यह गृह मंत्री और प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि मिजोरम में आपने क्या किया। आपने किया कि जो बाहर से आ रहे हैं, उसकी एंट्री करो। क्या वह अमित शाह और नरेंद्र मोदी का फेवरेट चाइल्ड है। रोहिंग्या बोल के सब बंगालियों को निकाल रहे हैं।

टीएमसी सांसद बोले- SIR वोट डिलीट करने का टूल बनकर रह गया

टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि एसआईआर वोट डिलीट करने का टूल बनकर रह गया है। चुनाव आयोग कह रहा है कि पांच लाख वोटर डिलीट, छह लाख वोटर डिलीट… और बीजेपी जश्न मना रही है।

कल्याण बनर्जी ने कहा कि चुनाव आयोग किसी व्यक्ति की नागरिकता तय करने की अथॉरिटी नहीं है।

अखिलेश ने कहा- मृतक BLO के परिवार को एक करोड़ दें

अखिलेश ने कहा- एसआईआर जो यूपी में चल रही है। अभी तक 10 लोगों की जान जा चुकी है। 9 की सूची मेरे पास है। यूपी में बीएलओ को बहुत कम ट्रेनिंग मिली है। बीएलओ के साथ उनका परिवार लगा हुआ है। महिला फॉर्म नहीं भर सकतीं। परिवार के लोग मिलकर फॉर्म भर रहे हैं। पार्टी की तरफ से दो लाख की मदद की है। एक करोड़ की मदद और सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए।

अखिलेश बोले- जहां भी उप चुनाव में भाजपा जीती है, वहां 2027 में जीत कर दिखा देना

अखिलेश ने कहा- रिफॉर्म की बात आई है। पहला सवाल यही है कि इसका मतलब क्या है। जो मूल रूप में होता है तो फॉर्म कहलाता है। जब मूल रूप खो देता है तो रिफॉर्म की जरूरत पड़ती है। हमारी चुनावी प्रक्रिया खराब कैसे हुई। बाहरी लोगों ने उसे खराब किया या अंदर के लोगों ने खराब किया या स्वार्थ के लिए खराब किया गया। क्योंकि जिस तरीके की शिकायत की गई थी उप-चुनाव में एक भी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा- फर्रुखाबाद लोकसभा का चुनाव मैंने करीब से देखा। पुलिस ने पूरे दिन लाठी चलाई। लाइट आती थी, जाती थी। वहां रिजल्ट बदला गया। हम आयोग के सामने खड़े रह गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जितने भी उप चुनाव हुए, वहां वोट चोरी नहीं हुई, वहां वोट डकैती हुई। चुनौती दी कि जहां भी उप चुनाव में भाजपा जीती है वहां 2027 में जीत कर दिखा देना। मैं दावे से कह रहा हूं कि एक भी सीट वो नहीं जीतेगी।

अखिलेश बोले- कांग्रेस के सुझाव से सहमत, बेलट पेपर से चुनाव हो

सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा- मैं कहता हूं कि चुनाव सुधार तभी संभव हैं जब चुनाव आयोग निष्पक्ष हो। मैं कांग्रेस के सुझावों का समर्थन करता हूं। इसमें चुनाव आयोग बनने की प्रक्रिया को बदलना और वोट देने के लिए फिर से बेलट पेपर लाना शामिल है। अगर जर्मनी और अमेरिका जैसे विकसित देश अब भी बेलट पर वोट डालते हैं, तो हम EVMs क्यों इस्तेमाल कर रहे हैं, मैं यही पूछता हूँ।

मैं कहता हूं, यह वोट चोरी नहीं, वोट डकैती है। अगर चुनाव निष्पक्ष होंगे, तो विपक्ष एक भी सीट नहीं जीत पाएगा।

अखिलेश ने कहा- जिस अयोध्या को मुद्दा बनाया, वहां अवधेश प्रसाद जीत कर आए

सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा- नए लोग जो इधर से उधर खिसक गए हैं। उनकी टिप्पणी पर अखिलेश बोले कि ये अनपढ़ हैं। ये कोई बात समझते नहीं है। ये पढ़े-लिखे नहीं हैं। अखिलेश ने कहा कि हमने सारे सबूत दिए थे। वीडियो व फोटो दिए थे। चुनाव जीते जाते हैं और चुनाव हारे जाते हैं। एक समय था जब हम कांग्रेस से लड़ रहे थे। आज समय ये है कि हम आपसे लड़ रहे हैं। एक समय था हमारे 5 सांसद थे। आज हम सबसे अधिक सांसद जीत कर यूपी से आए हैं। जिसे आपने मुद्दा बनाया, उस अयोध्या से अवधेश प्रसाद जीत कर आए हैं।

अखिलेश यादव बोले- चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं

सपा सांसद अखिलेश यादव ने कहा- रामपुर का लोकसभा उप-चुनाव हुआ तो हमने देखा कि भाजपा के सीएम और पूरी पार्टी ने ये तय किया था कि सपा नहीं जितेगी। ये आशंका हम लोगों को थी। चुनाव में धांधली की जाएगी। चुनाव हुआ तो यही हुआ। वोटिंग के दिन पुलिस और प्रशासन लगा था कि कोई भी वोटर घर से न निकले। उन्होंने कहा- रामपुर का उप-चुनाव हमने ऐसा देखा कि पूरा पुलिस प्रशासन और भाजपा की सरकार इस कोशिश में लगी थी कि कोई वोटर न निकले। पहली बार भाजपा वहां से जीती। हमने हर एक घटना की सूचना चुनाव आयोग को दी। पर आयोग ने एक भी कार्रवाई नहीं की।

भाजपा सांसद बोले- पहली वोट चोरी नेहरू ने की

बीजेपी सांसद संजय जयसवाल ने कहा है कि विपक्ष SIR और वोट चोरी का मुद्दा उठाकर हाल ही में हुए बिहार चुनाव में अपने बड़े नुकसान से ध्यान हटाना चाहता है।

उन्होंने कहा कि भारत में पहली वोट चोरी 1947 में हुई, जब कांग्रेस वर्किंग कमेटी पूरी तरह से सरदार पटेल के साथ थी, लेकिन उन्हें प्रधानमंत्री नहीं बनाया गया। उन्होंने 1975 का आपातकाल और 1987 के कश्मीर चुनावों को भी कांग्रेस द्वारा वोट चोरी के उदाहरण के तौर पर बताया।

मनीष तिवारी ने कहा- हमें बैलेट पेपर पर वापस लौटना चाहिए

मनीष तिवारी ने कहा, ‘हमें बैलेट पेपर पर वापस लौटना चाहिए। EVM को लेकर लोगों में शंका है। या शत प्रतिशत VVPET से काउंटिंग हो। काउंटिंग में 2-3 दिन लगेंगे, लेकिन लोगों का भरोसा तो लौटेगा। कई देश बैलेट पेपर पर लौटे हैं।’

तिवारी ने कहा- चुनाव EVM से मेनुपुलेट हो सकते हैं

मनीष तिवारी ने कहा, मैं सरकार से मांग करता हूं कि हर एक चुनावी क्षेत्र में SIR कराने का कारण संसद में रखें। इस बुनियादी प्रश्न के ऊपर अदालत में भी चर्चा नहीं हुई। EVM को लेकर कहा, लोकतंत्र भरोसे पर चलता है, लोग गर्मी धूप बारिश में खड़े हो तो उन्हें भरोसा होना चाहिए कि वोट सही जगह जा रहा है कि नहीं। लेकिन बहुत लोगों को इस बात की चिंता है कि EVM मेनुपुलेट हो सकते हैं। जब लोगों का लोकतंत्र से भरोसा हटता है तो अराजकता फैलती है। मैने पहले भी पूछा था कि इवीएम का सोर्स कोड किसके पास है, कंपनी के चुनाव आयोग के लेकिन न उस दिन न अब जवाब मिला मुझे। मैं फिर पूछता हूं कि इसका सोर्स कोड या मदरबोर्ड प्रोग्राम किसके पास हैं।

मनीष तिवारी ने कहा- चुनाव आयोग पूरे बिहार, केरल, बंगाल का SIR नहीं कर सकता

मनीष तिवारी ने कहा कि आज मैं खेद के साथ कहता हूं कि देशभर में एसआईआर पर चर्चा है, लेकिन चुनाव आयोग के पास एसआईआर कराने का कोई ओचित्य नहीं है। रिप्रजंटेशन ऑफ पीपुल एक्ट 1950 में चुनाव आयोग कहती है कि उन्हें अधिकार सेक्शन 21 से मिलता है। जिसमें तीसरा सेक्शन कहता है कि चुनाव आयोग सिर्फ किसी एक चुनावी क्षेत्र का SIR कर सकता है, सभी नहीं। इसका मतलब है कि न संविधान में न कानून में SIR का कोई प्रावधान नहीं है। सिर्फ ये ताकत दी गई है कि कहीं कोई मतदाता सूची नहीं तो सिर्फ उसे ठीक करें। आप पूरे बिहार, केरल बंगाल के लिए SIR नहीं कर सकते। अगर SIR करना चाहते हैं तो जो अगल-अलग विधानसभा में खामियां है, उसे रिकॉर्ड करके कर सकते हैं। मैं सरकार से पूछता हूं वो खामियों की डिटेल कहां हैं। सरकार इसे सदन में रखें और सार्वजनिक करें।