TIO विदिशा
राष्ट्रीय पुस्तक न्यास भारत तथा जिला प्रशासन, विदिशा के संयुक्त तत्वावधान में शहर के रवींद्रनाथ टैगोर सांस्कृतिक भवन में 23 से 29 अगस्त, 2025 तक ‘विदिशा पुस्तक मेले’ का आयोजन किया गया है, जिसके छठवें दिन भी स्कूल के विद्यार्थियों तथा पुस्तक-प्रेमियों की खूब चहल-पहल रही। पाठकों ने राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के प्रकाशन तथा अन्य प्रकाशनों का लुत्फ उठाया तथा पुस्तकों की खरीददारी की।
इसी क्रम में नेशनल बुक ट्रस्ट की ओर से बच्चों के लिए प्रातः 10 से 10.45 बजे तक कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों के लिए “कथा नगरी की सैर” का आयोजन किया गया। जिसमें विदिशा के विद्यालयों के बच्चों ने उत्सुकता से भाग लिया। इसकी विषय विशेषज्ञ सुश्री द्युतिमा शर्मा ने बच्चों की कथा नगरी की सैर के माध्यम से मंत्र मुग्ध कर दिया। बच्चे कहानियां सुनकर रोमांचित हो उठे।
तत्पश्चात प्रातः 11 से 11.45 बजे से कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए “आओ सीखें : प्रश्न पूछने की कला।” इसके विषय विशेषज्ञ श्री भास्कर इन्द्रकांति थे। प्रश्न पूछने की कला को बहुत ही सरल भाषा में प्रस्तुत कर सत्र को आनंदित कर दिया।
कार्यक्रमों के क्रम में अपराह्न 3 बजे से 4 बजे तक एक “एकल काव्य पाठ” का आयोजन रखा गया। इसमें हिंदी की चर्चित, लोकप्रिय, प्रतिभावान कवयित्री श्रीमती प्राची मिश्रा, जो सतना, मध्य प्रदेश से आमंत्रण पर विशेष तौर से विदिशा पुस्तक मेले में पधारीं, उनके गीतों, कविताओं ने ऑडोटोरियम में उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इससे पूर्व न्यास संपादक डॉ. ललित किशोर मंडोरा ने न्यास परंपरानुसार उन्हें पुस्तकें भेंट कर उनका स्वागत किया।

साथ ही कवयित्री श्रीमती प्राची मिश्रा ने पाठकों से रूबरू होते हुए कहा कि किताबें पढ़ें और क्यों पढ़ें, यह बड़ा सवाल है। विदिशा शहर के लिए पठन-पाठन का माहौल पाठकों को उपलब्ध कराने का प्रयास सराहनीय है। बच्चों को सिलेबस के अलावा पुस्तकों से जोड़ने के प्रयास बड़े स्तर पर राष्ट्रीय पुस्तक न्यास द्वारा किए जा रहे हैं, जो श्लाघनीय है।
इसी क्रम में सायं 5 से 8 बजे तक “पुरातत्वीय चर्चा – विदिशा के पुरातत्वीय, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक महत्व पर परिचर्चा” का आयोजन किया गया, जिसके मुख्य अतिथि श्री योगेन्द्र शर्मा रहे जबकि विशिष्ट अतिथि श्री अली अहमद पुरातत्ववेत्ता रहे। इस सत्र के अन्य वक्ताओं में श्री गोविंद सक्सेना, श्री अरविन्द शर्मा, श्री अरविंद श्रीवास्तव, श्री गोविंद देवलिया, श्री शिवकुमार तिवारी तथा श्री श्याम चतुर्वेदी रहे। इस सत्र में भारत के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व पर सार्थक चर्चा हुई।
विदिशा पुस्तक मेले के छठवें दिन आगंतुकों का आवागमन जारी रहा। विदिशा जिले के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों से विद्यार्थियों की उपस्थिति उत्साहजनक रही।
विदिशा पुस्तक मेला
23-29 अगस्त, 2025
स्थान : रवींद्रनाथ टैगोर सांस्कृतिक भवन, विदिशा
* प्रथम आयोजन
कथा नगरी की सैर
विशेषज्ञ : द्युतिमा शर्मा
* द्वितीय आयोजन
आओ सीखें : प्रश्न पूछने की कला
विशेषज्ञ : भास्कर इन्द्रकांति
* तृतीय आयोजन
एकल काव्य पाठ
आमंत्रित कवयित्री
श्रीमती प्राची मिश्रा
* चतुर्थ आयोजन


