बिहार में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को दिखाए गए काले झंडे

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पटना

बिहार में दिमागी बुखार से मौत का कहर जारी है। 15 दिनों के भीतर 80 बच्चों की मौत हो गई है। सरकार और डॉक्टरों की टीम के लाख प्रयास के बावजूद लगभग हर दिन बच्चों की मौत हो जा रही है। शनिवार को बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने अस्पताल का दौरा किया था, जबकि रविवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन बिहार पहुंचे हैं। मुजफ्फरपुर स्थित श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के अधीक्षक सुनील कुमार शाही ने रविवार को इस बात की पुष्टि की है कि दिमागी बुखार यानि कि एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम से अबतक 80 लोगों की मौत हो चुकी है।

यहां पढ़ें आज दिनभर की स्थिति का अपडेटः
-केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन सुबह करीब नौ बजे दिल्ली से पटना एयरपोर्ट पहुंचे।
-सड़क मार्ग से उनका काफिला आगे बढ़ते ही जन अधिकार पार्टी (जाप) कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाए।
-जाप कार्यकर्ता उनकी गाड़ी के आगे लेट गए और देरी से आने पर विरोध जताते हुए नारेबाजी की।
-डॉ हर्षवर्धन मुजफ्फरपुर पहुंचे।

‘डॉक्टर हैं नहीं, नर्सों के भरोसे छोड़ा’
मुजफ्फरपुर अस्पताल में भर्ती एक बच्चे के पिता ने कहा कि यहां स्थिति बदहाल है। डॉक्टर ध्यान नहीं दे रहे हैं। हर घंटे बच्चों की मौत हो रही है। आधी रात के बाद से डॉक्टर नहीं हैं, केवल नर्सों की ड्यूटी लगा दी गई है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री की अपील- गर्मी से बचें
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन दिल्ली से पटना एयरपोर्ट पहुंचे। गया में प्रचंड गर्मी के बीच ‘हीट स्ट्रोक’ से हुई मौत पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह बेहद दुखद है। मैं लोगों से अपील करता हूं कि तेज धूप और गर्मी में घर से बाहर न निकलें। उन्होंने कहा कि तेज गर्मी दिमाग पर असर डालती है और हमें अलग-अलग तरह की बीमारियों की ओर धकेलती है। इसलिए जब तापमान कम हो जाए, तभी बाहर जाएं।