ब्रज श्रीवास्तव
नेशनल बुक ट्रस्ट का पुस्तक मेला विदिशा में आयोजित देखना सुखद है. यहाँ अनेक बडे प्रकाशक मौजूद हैं और अंग्रेजी और हिन्दी की दुर्लभ पुस्तकें मिल रहीं हैं. जो शहर साहित्यिक विरासत के लिए जाना जाता है वह अब तक इस सुख से वंचित था. नवागत कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता इसके स्वप्नदृष्टा होकर क्रियान्वयन भी करा सके.एक कृतज्ञ लहर उनके प्रति शहर में बह रही है. यहाँ इन दिनों एक साहित्यिक उत्सव लिटरेचर फेस्टिवल जैसा वातावरण है. हर व्यक्ति एक चक्कर तो लगा लेना चाहता है.पुस्तक प्रेमियों की कतारें गैलरी में सुंदर दृश्य बनाए हुए हैं.

रवीन्द्र नाथ टैगोर के आडिटोरियम में भी विभिन्न बौद्धिक गतिविधियों का आयोजन लगातार हो रहा है.क्रय हेतु उपलब्ध दुर्लभ ताजा तरीन पुस्तकों के अलावा यहाँ एक स्टाल ऐसी भी मुमकिन की गई है जिसमें सिर्फ उन साहित्यकारों की किताबों की प्रदर्शनी है जो विदिशा में जन्मे या रहे. सुखद है यह प्रदर्शनी देशभर में चर्चा का विषय बनी हुई है जिस तरह से किताब मेले में कई पब्शिर्स के साथ-साथ राष्ट्र पुस्तक न्यास में अनेकों तरह की किताबें उपलब्ध कराई है। साथ ही साथ साहित्य में विशेष रूचि रखने वाले कलेक्टर अंशुल गुप्ता विशेष तौर पर पूरे कार्यक्रम पर अपनी नजर रखे हुए है। और साथ ही साथ कार्यक्रमों का हिस्सा भी बने है।


