भोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव की अगले 3 दिनों की रणनीति बनाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान देर रात भाजपा कार्यालय पहुंचे। भाजपा कार्यालय में प्रदेश प्रभारी डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे और संगठन महामंत्री रामलाल सहित कई दिक्कत नेता मौजूद हैं। प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत सहित अन्य नेताओं के साथ सीएम ने चुनाव प्रचार के अंतिम तीन दिनों की रणनीति तय की है।
CM arrived at BJP office late last night, the last 3 days of this strategy
पार्टी सूत्रों के मुताबिक इन 3 दिनों में सारे नाराज लोगों को सक्रिय करने का लक्ष्य रखा गया है। माना जा रहा है कि गोंडवाना गणतंत्र पार्टी और समाजवादी पार्टी के गठबंधन टूटने का भी फायदा लेने की चर्चा हुई है। भाजपा की तैयारी है कि गोंडवाना नेताओं की उन सीटों पर मदद ली जाए जहां भाजपा प्रत्याशी थोड़ी कमजोरी स्थिति में हों।
भाजपा के सूत्रों के मुताबिक मध्यप्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में जिन राज्यों की सीमाएं लगती हैं जैसे छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, झारखंड, उत्तर प्रदेश जैसे इलाकों से पार्टी ने पड़ोसी राज्यों के नेताओं कार्यकतार्ओं को बुलाया है। इसका मकसद सीमावर्ती इलाकों में जातिगत समीकरणों को साधना है ।सीमावर्ती इलाकों में दोनों राज्यों के बीच रिश्ते नाते से लेकर तमाम सामाजिक व्यापारिक संबंध वाले लोगों को भाजपा के पक्ष में लगाया जा रहा है।
कुसमरिया पटेरिया को बिठाने की एक बार फिर कोशिश
भाजपा सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री चुनाव प्रभारी केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सहित दिग्गज नेताओं ने प्रदेश में एक बार फिर बागी नेताओं को बनाने मनाने की कोशिश की। दमोह और पथरिया से चुनाव लड़ रहे रामकृष्ण कुसमरिया को मनाने के लिए सारे दिग्गज नेताओं ने मिलकर रणनीति तय की और उनसे बातचीत भी की गई ।
इसी तरह जबलपुर से उत्तर विधानसभा के निर्दलीय प्रत्याशी धीरज पटेरिया को भी भाजपा का समर्थन करने के लिए मनाने का प्रयास किया गया । पटेरिया भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। शहडोल जिले की पुष्पराजगढ़ से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे सुदामा सिंह को भी मनाने की कोशिश की गई है ।ग्वालियर की पूर्व महापौर समीक्षा गुप्ता को भी भाजपा का समर्थन करने का प्रस्ताव दिया गया है। नेताओं से कहा गया है कि सरकार बनने पर उन्हें उपकृत किया जाएगा।

