नई दिल्ली। दिवाली अभी 9 दिन दूर है, लेकिन दिल्ली-एनसीआर की हवा अभी से जहरीली हो गई है। हवा की क्व़लिटी इतनी खराब हो चुकी है कि सांस लेना मुश्किल हो रहा है। रविवार को दिल्ली का एयर क्वॉलिटी इंडेक्स 366 रहा, जो ‘बहुत खराब’ की कैटिगरी में आता है। एनसीआर के शहरों में सबसे ज्यादा खराब हवा गाजियाबाद और गुड़गांव की रही। इन शहरों में एयर क्वॉलिटी ‘बेहद खराब’ की कैटिगरी में रही। हवा में ‘जहर’ का यह स्तर इस मौसम में अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर रहा।
Delhi has already been hit by Diwali, it is difficult to breathe people
गाजियाबाद में एयर क्वॉलिटी इंडेक्स 418 और गुड़गांव में 403 दर्ज किया गया। गुड़गांव में शनिवार को एक्यूआई 399 था। माना जा रहा है कि करवाचौथ पर पटाखे चलाने से प्रदूषण का स्तर बढ़ा है। इसके साथ ही रोड से उठने वाली धूल के चलते भी लोगों को परेशानियां हो रही हैं।
1 से 10 नवंबर के दौरान प्रदूषण बढ़ने को लेकर पहले ही अनुमान जताया जा चुका है, ऐसे में उससे भी पहले हवा का बेहद खराब कैटिगरी में होना लोगों को परेशान कर रहा है। सेंट्रल पलूशन कंट्रोल बोर्ड (उढउइ)के नेतृत्व वाले टास्क फोर्स ने कहा है कि राजधानी में हवा की धीमी गति के कारण प्रदूषण बढ़ सकता है, नवंबर के पहले 10 दिनों तक यहां के निवासियों को वॉकिंग और जॉगिंग से दूर रहना चाहिए।
रविवार सुबह को दिल्ली का एयर इंडेक्स 381 रहा जो दिन चढ़ने के साथ थोड़ा सुधरा और शाम 4 बजे 366 दर्ज हुआ। एयर बुलेटिन के अनुसार रविवार को दिल्ली की हवा में पीएम 10 और पीएम 2.5 की स्तर सुरक्षित मानकों से 4 गुना ज्यादा रहा। रविवार को फरीदाबाद में एयर क्वॉलिटी इंडेक्स 381, गाजियाबाद का 358, ग्रेटर नोएडा का 352, गुरुग्राम का 378, नोएडा का 352 और भिवाड़ी का 255 दर्ज हुआ।
विशेषज्ञों का कहना है कि हवा की कम गति के कारण पंजाब और हरियाणा से पराली जलाने का प्रदूषण दिल्ली-एनसीआर के आसमान में फैल सकता है। सुबह में तापमान कम होने के कारण यह पलूशन जल्दी दूर भी नहीं होगा। इसके अलावा फेस्टिव सीजन को देखते हुए ट्रैफिक भी बढ़ेगा और सुप्रीम कोर्ट द्वारा पटाखों पर पूरी तरह रोक लगाने से इनकार के बाद दिवाली के समय पटाखों का धुआं भी दम घोटेगा।