वाशिंगटन
सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी की 2016 चुनाव जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि रूस के सेंट पीटर्सबर्ग स्थित इंटरनेट रिसर्च एजेंसी (आईआरए) ने सोशल मीडिया पर समर्थन जुटाया। आईआरए ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूस के पसंदीदा उम्मीदवार के लिए समर्थन जुटाया था।
इसके जरिए राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेट उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन को नुकसान पहुंचाया गया, क्योंकि उनके जीतने की संभावना ज्यादा थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ये सब रूसी राष्ट्रपति के आदेश पर किया गया था।
रिपोर्ट के अनुसार आईआरए ने 2016 चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार रहे ट्रंप को अपनी सोशल मीडिया एक्टिविटी के जरिए भारी समर्थन दिलाया।
ट्रंप पर पहले से चल रहा है महाभियोग
बता दें कि ट्रंप पर उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी जो बिडेन को नुकसान पहुंचाने के मकसद से यूक्रेन से जानकारियां साझा करने के आरोप हैं। हालांकि ट्रंप इससे इनकार करते रहे हैं जबकि चीन और यूक्रेन से उन्होंने सार्वजनिक रूप से बिडेन और उनके बेटे के खिलाफ जांच शुरू करने को लेकर मदद मांगी है। व्हाइट हाउस पर भी आरोप है कि उसने राष्ट्रपति से संबंधित आरोपों के दस्तावेजों को पलटा है।
महाभियोग से जुड़ी डेमोक्रेटिक पार्टी के तीन प्रमुख सांसदों ने पेंस को लिखे एक पत्र में लिखा, ‘हाल ही में सार्वजनिक रिपोर्टों में यूक्रेन के राष्ट्रपति को ट्रंप का संदेश पहुंचाने या उसका समर्थन करने में आपकी संभावित भूमिका को लेकर सवाल उठाए गए हैं। अत: प्रतिनिधि सभा की महाभियोग की जांच के लिए, अनुरोध कर रहे हैं कि आप 15 अक्तूबर तक निर्धारित दस्तावेज पेश करें।’