राज्यसभा में पेश हुआ आर्थिक सर्वेक्षण, GDP ग्रोथ 7 फीसदी रहने का अनुमान

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नई दिल्ली 

आम बजट से एक दिन पहले आज देश का आर्थिक सर्वे पेश किया गया है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में इसे पेश किया गया है। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का यह पहला आर्थिक सर्वे होगा। बता दें कि अंतरिम बजट 2019 के दौरान आर्थिक सर्वे पेश नहीं किया गया था, क्योंकि इसे पूर्ण बजट के साथ ही पेश किया जाता है।

– आर्थिक सर्वे में साल 2019-20 में तेल की कीमतों में कमी आने का अनुमान लगाया गया है। इसके साथ ही देश की जीडीपी ग्रोथ 7 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया है।

– आर्थिक सर्वे में कहा गया है कि 2019-20 में वित्तीय घाटा 5.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
– वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने सदन में देश का आर्थिक सर्वे पेश कर दिया है।
– मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन ने कहा कि हमारी टीम ने पूरे समर्पण के साथ काफी मेहनत से आर्थिक सर्वे को तैयार किया है। मैं उम्मीद करता हूं की नतीजे अच्छे होंगे और हम अर्थव्यवस्था में नए विचार दे सकेंगे।
आज संसद में आर्थिक सर्वे बजट पेश करने के लिए कॉपियां संसद लाई जा चुकी हैं।

आर्थिक सर्वे में देश की अर्थव्यवस्था, राजकोषीय खाका, निर्यात, उद्योग, मौद्रिक प्रबंधन, कृषि, बुनियादी ढांचा, सर्विस सेक्टर, सोशल इंफ्रास्ट्राक्चर और रोजगार जैसे चैप्टर होते हैं। सुब्रमण्यन ने बुधवार को ट्वीट किया था कि ‘गुरुवार को मेरे और नई सरकार के पहले आर्थिक सर्वे संसद में पेश करने को लेकर उत्साहित हूं।’

सुब्रमण्यन के एजेंडे में कृषि, नौकरी और निवेश प्रमुख रूप से होंगे। उन्हें मोदी सरकार ने पहले कार्यकाल के अंतिम दिनों में नियुक्त किया गया था। आर्थिक सर्वे के भीतर सरकार की स्कीमों का लेखा जोखा होता है। इसमें देश की अर्थव्यवस्था की हालत की भी जानकारी भी होती है। साथ ही सरकार के किए गए कामों का असर क्या हो रहा है, इसकी पूरी जानकारी होती है।