TIO मुंबई
नवी मुंबई में एक छात्र के मराठी में बात करने के लिए कहने पर साथियों ने उसकी पिटाई कर दी। पुलिस ने बताया कि सभी एक कॉलेज वाट्स एप ग्रुप का हिस्सा थे। उनमें से कुछ 21 जुलाई को हिंदी में मैसेज लिख रहे थे। तभी एक छात्र ने मराठी में लिखा, ‘मराठी में बात करो नहीं तो राज ठाकरे आ जाएंगे।’
इसके बाद वाट्स एप ग्रुप में बहस होने लगी। अगले दिन सुबह करीब 10:30 बजे फैजान नाइक समेत चार छात्रों ने वाशी में कॉलेज के बाहर उस छात्र पर हमला कर दिया, जिसने मराठी में बोलने के लिए कहा था। नाइक ने छात्र के सिर पर हॉकी स्टिक से भी वार किया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना के बाद MNS ने हमलावर छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। MNS प्रवक्ता गजानन काले ने कहा कि हम पीड़ित छात्र और उसके परिवार से मिले हैं। दोषियों को सजा मिलने तक हम चुप नहीं बैठेंगे। यह घटना चेतावनी है कि महाराष्ट्र में बढ़ता भाषाई विभाजन खतरनाक है।
MNS कार्यकर्ताओं ने 16 जुलाई को मुंबई में एक दुकानदार के साथ मारपीट की। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि दुकानदार ने सोशल मीडिया पर मराठी लोगों के बारे में आपत्तिजनक पोस्ट की थी।
कार्यकर्ता विक्रोली इलाके स्थित दुकान पर पहुंचे और दुकानदार से गाली-गलौच की। दुकानदार को धमकाकर माफी मंगवाई और पकड़कर पूरे इलाके में घुमाया।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें दुकानदार हाथ जोड़कर माफी मांगता दिख रहा है।
5 जुलाई: इन्वेस्टर केडिया के वर्ली ऑफिस में तोड़फोड़
MNS कार्यकर्ताओं ने 5 जुलाई को शेयर बाजार इन्वेस्टर सुशील केडिया के वर्ली स्थित ऑफिस में तोड़फोड़ की थी। पुलिस ने मामले में 5 लोगों को हिरासत में लिया था। हमला उद्धव और राज ठाकरे की संयुक्त रैली के कुछ घंटे पहले हुआ था। हमला केडिया की 3 जुलाई X पोस्ट को लेकर हुआ था। उन्होंने MNS चीफ राज ठाकरे को टैग करते हुए लिखा था-
मुंबई में 30 साल रहने के बाद भी मैं मराठी ठीक से नहीं जानता और आपके घोर दुर्व्यवहार के कारण मैंने यह संकल्प लिया है कि जब तक आप जैसे लोगों को मराठी मानुष की देखभाल करने का दिखावा करने की परमिशन नहीं दी जाती, मैं प्रतिज्ञा लेता हूं कि मैं मराठी नहीं सीखूंगा। क्या करना है बोल?
5 जुलाई की घटना के बाद सुशील केडिया ने X पर पोस्ट करके राज ठाकरे से माफी मांगी थी।
30 जून: गुजराती दुकानदार से मारपीट
ठाणे में ही MNS कार्यकर्ताओं ने गुजराती दुकानदार से मारपीट की थी। बहस दुकानदार के मराठी न बोलने पर हुई थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो 30 जून का था। कार्यकर्ता ने दुकानदार से कहा कि तुमने मुझसे पूछा कि मराठी क्यों बोलनी चाहिए? जब तुम्हें परेशानी थी, तब तुम MNS ऑफिस आए थे।
दुकानदार ने जवाब में कहा कि उसे नहीं पता था कि मराठी बोलना अब जरूरी हो गया है। इस पर एक कार्यकर्ता गाली देते हुए दुकानदार को धमकाता है कि उसे इस इलाके में कारोबार नहीं करने दिया जाएगा। बहस के दौरान दुकानदार से मारपीट की गई थी।
जब दुकानदार पूछता है कि उसे मराठी सीखनी पड़ेगी, तो एक कार्यकर्ता कहता है, ‘हां, ऐसा कहो। लेकिन ये क्यों पूछ रहे हो कि मराठी क्यों सीखनी चाहिए? ये महाराष्ट्र है। महाराष्ट्र में कौन-सी भाषा बोली जाती है?’
दुकानदार कहता है- ‘सभी भाषाएं’, तो एक कार्यकर्ता उसे थप्पड़ मार देता है। फिर कार्यकर्ता दुकानदार को दो बार थप्पड़ मारता है। दुकानदार कुछ समझाने की कोशिश करता है, लेकिन उसे चार बार और थप्पड़ मारे जाते हैं।
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