चेन्नै। दक्षिण तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटों पर भारी तबाही मचाने के बाद चक्रवाती तूफान गाजा की रफ्तार अब धीरे-धीरे कम हो रही है। तीन दिन से बंद रामेश्वरम-धनुषकोडि रोड को शनिवार को खोला गया। हालांकि, 80-90 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही हवाओं और बारिश के चलते हजारों लोग इससे प्रभावित हुए हैं और संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है। अब तक इस चक्रवाती तूफान में 13 लोगों की मौत हो चुकी है।
‘Gaza’ after the devastation in Tamil Nadu, Thami speed, now open three days after the Rameswaram-Dhanushkadi route
राज्य के करीब 80 हजार लोगों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया है। तूफान के चलते कई इलाकों में पावर सप्लाइ नहीं हो पा रही है, तो वहीं मोबाइल सिग्नल्स न होने के चलते समस्या और बढ़ गई है। हवाओं के थमने के बाद राहत कार्य भी तेज करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कई जगह सड़कों पर पेड़ गिरे हुए हैं और घरों को भी नुकसान पहुंचा है। बचाव और राहत कार्य के मद्देनजर राज्य सरकार की तरफ से पर्याप्त संख्या में राहत कैंपों की व्यवस्था की गई है।
पहले आंध्र प्रदेश में आना था तूफान
चक्रवाती तूफान के दौरान हवा की रफ्तार 80 से 90 किमी प्रति घंटे हो सकती है जिसके बाद भारी बारिश के आसार हैं। बता दें कि इस तूफान के पहले दक्षिण तटीय आन्ध्र प्रदेश पहुंचने की आशंका थी जो तमिलनाडु के इलाकों की ओर सोमवार को अचानक मुड़ गया था। राज्य के हर प्रभावित इलाके में पावर सप्लाइ चालू करने में और राहत पहुंचाने में अब भी समय लग सकता है।
नमक की खेती को भी भयंकर नुकसान
राज्य ने नमक विभाग के मुताबिक, तूफान के चलते वेदराण्यम में नमक के खेतों को काफी नुकसान हुआ है। बता दें कि तूतीकोरिन के बाद वेदराण्यम दूसरा सबसे बड़ा नमक उत्पादक है। अभी भी नुकसान के अनुमान के बारे में आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ई पलनिसामी ने बताया है कि 81,948 लोगों को 471 सरकारी राहत केंद्रों में पहुंचाया गया है।

