आतंकियों के प्रति नरमी बरतना सरकार को पड़ सकता है भारी, तेजी से हो रही युवाओं की भर्ती

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पुलवामा। जम्मू-कश्मीर में महबूबा मुफ्ती की गुजारिश पर केंद्र द्वारा आतंकी संगठनों पर नरम रुख से भारी नुकसान होता दिख रहा है। इन संगठनों में स्थानीय युवाओं की भर्ती तेजी से बढ़ रही है। बता दें कि जम्मू-कश्मीर में विधानसभा और संसदीय चुनावों के मद्देनजर महबूबा ने दक्षिण कश्मीर में स्थिति सुधरने की उम्मीद जताई थी।
Government may need to take a soft, moderate attitude towards terrorists, recruitment of huge, fast-growing youth
जम्मू-कश्मीर पुलिस को मिले इनपुट के आधार पर जैश-ए-मोहम्मद के काडर कुलगाम, शोपियां और पुलवामा में काफी सक्रिय हो गए हैं। एसएसपी पुलवामा मोहम्मद असलाम ने बताया, ‘पुलवामा जिले में फिलहाल 15 पाकिस्तानी जैश आतंकियों ने घुसपैठ की है जिनमें से 3 एक्सप्लोसिव डिवाइस एक्सपर्ट हैं।’

उन्होंने बताया, ‘कई नौजवानों को जैश में शामिल होने के लिए लुभाया जा रहा है जिसे हिज्बुल जैसे दूसरे आतंकी संगठनों से बेहतर फंडेड और संगठित माना जाता है। एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, इन युवाओं को गिरोह में शामिल कराने का काम मुख्य रूप से पाकिस्तानी जैश कमांडर बाबर कर रहा था जिसे हाल ही में सुरक्षा बलों ने शोपियां में हुए एनकाउंटर में ढेर कर दिया था।

एसएसपी ने बताया, ‘बाबर दक्षिण कश्मीर में सक्रिय था और तीन साल से यहां उसने घुसपैठ कर रखी थी। उसने आतंकी समूह में 19 स्थानीय युवकों को शामिल किया था। जैश को घाटी से पूरी तरह समाप्त कर दिया गया था, लेकिन अब वह खुद को पुनर्जीवित करने के लिए पुराने हरकत-उल-अंसार नेटवर्क का इस्तेमाल किया जा रहा है।’ पिछले दो साल में कश्मीर में हुए कई हमलों में जैश का नाम आया था।