पटना। क्या लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव और ऐश्वर्या यादव की शादी सियासत की भेंट चढ़ गई? क्या जिस रिश्ते की बुनियाद सियासी गणितों के बीच पड़ी थी, उसका समीकरण सियासी गणित के बीच ही उलझकर रह गया? यह सवाल तब उठा, जब अचानक तेज प्रताप यादव ने महज 7 महीने पुरानी शादी को साजिश और सियासी दबाव बताते हुए तलाक की अर्जी कोर्ट में दाखिल कर दी। इसके बाद शादी को बचाने की पूरी कोशिश हुई लेकिन तेज प्रताप यादव के एक के बाद एक आए तमाम बयानों ने इसमें और तल्खी ला दी। उन्होंने अपनी शादी को सियासी साजिश तक करार दे दिया।
Has the state’s gift climbed the relationship between Sharad Pratap and Aishwarya Rai?
तब शादी को बड़ा राजनीतिक गठबंधन कहा गया था
यह चर्चित शादी इसी साल 12 मई को पटना में हुई थी। तेज का रिश्ता बिहार के पूर्व सीएम दरोगा प्रसाद राय की पोती के साथ हुआ था। लड़की के पिता चंद्रिका राय भी बिहार सरकार में मंत्री रह चुके हैं। वहीं तेज प्रताप भी नीतीश कुमार के साथ महागठबंधन की सरकार में मंत्री रह चुके हैं। इस बात पर भी गौर करना होगा कि तेज प्रताप जिस वक्त मंत्री थे, उस वक्त तक उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव खुद को लालू के उत्तराधिकारी के रूप में स्थापित कर चुके थे। उसके बाद खाली स्पेस को भरने के लिए जद्दोजहद जारी थी।
ताकत आजमाइश तो नहीं?
तेज प्रताप के तलाक की खबरों के बीच लालू परिवार में ताकत को लेकर चल रहे विवाद की चर्चा फिर होने लगी है। तलाक लेने की खबरों को भी उससे जोड़ा जा रहा है। दरअसल, लालू के जेल जाने के बाद तेजस्वी को पार्टी की कमान सौंप दी गई। पार्टी के सारे फैसले वही ले रहे हैं। इसके बाद तेज प्रताप उपेक्षित रहने लगे। बाद में ऐश्वर्या से शादी के बाद खबरें आने लगीं कि वह आरजेडी की राजनीति में उतर सकती हैं। यह भी कहा गया कि चंद्रिका राय आम चुनाव में आरजेडी उम्मीदवार होंगे।
हालांकि, आरजेडी ने इन अटकलों को हमेशा खारिज किया लेकिन ऐश्वर्या की राजनीति में रुचि पर खबरें आती रहीं। सूत्रों के अनुसार, इन घटनाक्रम के बीच तेज प्रताप की शादी तोड़ने की यह कोशिश दबाव का हिस्सा हो सकता है। पार्टी नेताओं को लगता है कि अगर कोर्ट में यह केस शुरू हुआ तो तब यह महज दो परिवारों का मामला नहीं रह पाएगा।

