स्वास्थ्य मंत्रालय का अलर्ट- भोपाल में कोरोना के 5 नए स्पॉट बनने का खतरा; सूरज नगर, भोज यूनिवर्सिटी कैंपस में भी संक्रमण का खतरा

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  • इंदौर: जाने-माने फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. भावेश टोपीवाला नहीं रहे, Corona से अब तक 5 डॉक्‍टर्स की मौत

TIO भोपाल

 शहर के अयोध्या बायपास, कमला नगर और बैरागढ़ चीचली, सूरज नगर, भोज यूनिवर्सिटी कैंपस कोरोना के हॉट स्पॉट बन सकते हैं। इन क्षेत्रों को मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर ने ओरेंज जोन वाले इलाकों में शामिल किया है। संबंधित क्षेत्रों में कोरोना का संक्रमण रोकने सर्विलांस सैंपलिंग, संदिग्धों को क्वारेंटाइन और होम आईसोलेशन में रखा जाए। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को आरोग्य सेतु एप के डेटा के आधार पर मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ ने अलर्ट रहने को कहा है। साथ ही एप का उपयोग कर रहे मोबाइल उपभोक्ताओं को सेल्फ असेसमेंट रिपोर्ट के आधार पर अलर्ट मैसेज भेज दिया है। इसमें कोरोना संक्रमित मरीज के संपर्क में आने वाले मोबाइल उपभोक्ताओं को कोरोना टेस्ट कराने की सलाह भी दी गई है।

यहां पॉजिटिव मरीज कम, लेकिन अभी से संभलना जरूरी
सीएमएचओ डॉ. प्रभाकर तिवारी ने बताया कि भोपाल के पांच अलग–अलग इलाकों  को कोरोना हॉट स्पॉट में तब्दील होने का अलर्ट कोविड 19 नेशनल हेल्थ पोर्टल के मार्फत मिला है। इन क्षेत्रों में सर्विलांस की कार्रवाई आईडीएसपी की टीम कर रही है। हालांकि  इन स्पॉट कोविड पाजिटिव मरीजाें की संख्या उतनी नहीं है।

 एसिमटोमैटिक मरीजों के भी लिए जाएंगे सैंपल

शहर में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को काबू करने स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना कंट्रोल प्लान में बदलाव किया है। कोरोना के संक्रमण को रोकने अब सीवियर एक्यूट रेस्पेरिटरी इनफेक्शन (इलनेस – एसएआरआई) के मरीजों के सैंपल भी बिना काॅन्टैक्ट हिस्ट्री और ट्रेवल हिस्ट्री के भी लिए जाएंंगे, ताकि हाई रिस्क कैटेगरी में शामिल इन मरीजों और उनसे दूसरों को होने वाले कोविड इनफेक्शन को रोका जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने कोविड कंट्रोल प्लान में यह बदलाव शहर में संचालित फीवर क्लीनिक्स की रिपोर्ट के आधार पर किया है। सीएमएचओ डॉ. प्रभाकर तिवारी ने बताया कि शहर में 47 फीवर क्लीनिक का संचालन किया जा रहा है।

38 को कोविड हॉस्पिटल और 7 केयर सेंटर रैफर
रिपोर्ट के मुताबिक फीवर क्लीनिक्स में जांच और इलाज कराने आए 45 मरीजों को रैफर किया गया। इनमें से 38 मरीजों को कोविड हॉस्पिटल और 7 मरीजों को कोविड केयर सेंटर में भर्ती किया गया है, जहां सभी की हालत स्थिर है।

इंदौर में कोरोना (Corona) ने एक और डॉक्टर की जान ले ली है. शहर के जाने माने फिजियोथेरेपिस्ट डॉक्टर भावेश टोपीवाला (Dr Bhavesh Topiwala) की कोरोना से मौत हो गयी है. वह 40 साल के थे. डॉ भावेश कोरोना के खिलाफ जंग में लगातार सक्रिय थे. वह लोगों में लगातार जागरुकता फैला रहे थे. इन्हें मिलाकर इंदौर में अब तक 5 डॉक्टरों की कोरोना वायरस के संक्रमण से मौत हो चुकी है.

इंदौर के जाने माने फिजियोथेरेपिस्ट डॉक्टर भावेश टोपीवाला के परिवार में पत्नी और दो छोटी छोटी बच्चियां हैं. इंदौर में कोरोना के हालात बिगड़ने पर डॉ भावेश अपनी ज़िम्मेदारी निभाते हुए लगातार सक्रिय थे. 1 जून को उन्होंने अपने इलाके शिखर पार्क में कॉलोनी के लोगों की स्क्रीनिंग भी की थी. वह लगातार लोगों का हौसला बढ़ाते थे कि कोरोना से डरना नहीं है, इसे हराना है. शारीरिक दूरी का पालन करें और अपने परिवार का ध्यान रखें. आशंका है कि उसी दौरान डॉ. भावेश संक्रमित हुए.

अब तक 5 डॉक्टरों की मौत
इंदौर में कोरोना से अब तक 5 डॉक्टरों की मौत हो चुकी है. अभी 9 जून को शहर के इंडेक्स मेडिकल कॉलेज में पदस्थ डॉ. अजय जोशी (Dr. Ajay Joshi) की कोरोना के कारण मौत हो गई थी. वह 57 साल के थे और इंडेक्स मेडिकल कॉलेज (Index Medical College) के अधीक्षक के साथ ही सर्जरी विभाग के एचओडी भी थे. उस अस्पताल में फिलहाल सिर्फ कोरोना (COVID-19) पॉजिटिव मरीजों का इलाज किया जा रहा है. डॉ. जोशी को अस्पताल में कोरोना वार्ड का हेड बनाया गया था. कोरोना संक्रमित मरीजों के संपर्क में आने से ही वो पॉजिटिव हुए और उनकी मौत हो गई.