TIO भोपाल
मध्यप्रदेश के जबलपुर समेत 11 जिलों में मंगलवार को भारी बारिश का अलर्ट है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। वहीं, 13 अगस्त से बंगाल की खाड़ी से लो प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र) एक्टिव हो रहा है। जिसका असर भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में भी दिखाई देगा।
छतरपुर के नौगांव में 2.3 इंच बारिश
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान छतरपुर, सतना, पन्ना, रीवा, मैहर, दमोह, कटनी, जबलपुर, सिवनी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश होने की संभावना जताई है। 13 अगस्त को दक्षिणी हिस्से के जिलों में बारिश के आसार हैं। वहीं, 14 अगस्त को भोपाल, नर्मदापुरम, उज्जैन, इंदौर और जबलपुर संभाग के जिलों में तेज बारिश होने का अनुमान है।
इससे पहले सोमवार को छतरपुर जिले के नौगांव में 2.3 इंच बारिश हो गई। दतिया, ग्वालियर, पचमढ़ी, दमोह, खजुराहो, सतना, सिवनी समेत कई जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई।
15 अगस्त से लगातार तेज बारिश
सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि एक ट्रफ और दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की एक्टिविटी है। इस वजह से प्रदेश में बारिश हो रही है। 13 अगस्त से एक लो प्रेशर एरिया भी एक्टिव हो रहा है। इस वजह से 15 अगस्त से लगातार तेज बारिश होने का अनुमान है।
तेज झड़ी लगते ही कई जिलों में कोटा होगा फुल
वैज्ञानिकों के अनुसार, अगस्त के दूसरे सप्ताह में तेज बारिश का दौर शुरू होगा, जो आखिरी तक चलता रहेगा। ऐसे में कई जिलों में बारिश का कोटा अगस्त में ही पूरा हो जाएगा। हालांकि, अब तक ग्वालियर समेत 10 जिलों में कोटा पूरा हो चुका है, लेकिन इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों की तस्वीर बेहतर नहीं है। पूर्वी हिस्से यानी जबलपुर, सागर, शहडोल और रीवा संभाग में औसत से 36% और पश्चिमी हिस्से यानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में 23% बारिश अधिक हुई है। अब तक ओवरऑल 29 प्रतिशत बारिश ज्यादा हो चुकी है।


