TIO बिजौलिया (भीलवाड़ा)

रोने की आवाज न आए, इसलिए उसके मुंह में पत्थर ठूंसकर फेवीक्विक से चिपका दिया। मवेशी चराने वाले की नजर बच्चे पर पड़ी तो उसके होश उड़ गए।
पत्थर मुंह से निकालते ही मासूम रोने लगा। तुरंत लोगों ने मासूम को हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां इलाज किया जा रहा है। घटना मांडलगढ़ में मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे की है।
पहले देखिए बच्चे की 5 PHOTOS…





जंगल में तड़पता मिला बच्चा हेड कॉन्स्टेबल विजय सिंह ने बताया कि बिजौलिया में सीता का कुंड मंदिर के सामने सड़क से सटे जंगल में बच्चा मिला है। मवेशी चरा रहा युवक पत्थरों के ढेर के पास पहुंचा तो बच्चा तड़प रहा था। उसके मुंह में पत्थर फंसा हुआ था। उसने अन्य लोगों को बुलाया। मुंह से पत्थर निकाला और बच्चे को बिजौलिया के सरकारी हॉस्पिटल में भर्ती कराया।
पुलिस अस्पतालों का रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस ने बताया- बच्चे को वहां कौन छोड़कर गया? इसके बारे में जानकारी करने के लिए फिलहाल ग्रामीणों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। वहीं मांडलगढ़ और बिजौलिया के हॉस्पिटल में पिछले दिनों हुए डिलीवरी की जानकारी जुटाई जा रही है।
डॉक्टर बोले- बच्चे को दूध पिलाया है बिजौलिया अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. मुकेश धाकड़ ने बताया- बच्चा करीब 15 से 20 दिन का है। उसके मुंह पर फेवीक्विक लगाया गया था, दाईं जांघ पर जलाने के निशान मिले हैं। बच्चे को दूध पिलाया गया। फिलहाल बच्चे की हालत को देखते हुए उसे भीलवाड़ा हायर सेंटर भेजा गया है।


