पाकिस्तान में महंगाई के बीच मनेगी बकरीद, दूध-सब्जियों की कीमतों में उछाल, लोग बेहाल

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  • भारत के केमिकल्स, डाई और अन्य प्रॉडक्ट्स पड़ते हैं 35 पर्सेंट तक सस्ते
  • अब चीन और कोरिया की ओर करना पड़ेगा पाकिस्तान को रुख, माल ढुलाई भी पड़ती है महंगी
  • प्रतिबंध के बाद भी दुबई से पाकिस्तान पहुंच सकता है भारत का सामान, कई चीजों के लिए है भारत पर निर्भरता
  • पुलवामा के बाद भी पाकिस्तानी कारोबारी संगठनों ने लगाए थे बैन, लेकिन नहीं हुआ था असर

नई दिल्ली

जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने और राज्य के पुनर्गठन के विरोध में भले ही पाकिस्तान ने भारत के साथ कारोबार ठप कर दिया है, लेकिन यह फैसला उसे ही महंगा पड़ रहा है। पाकिस्तानी अखबार ‘डॉन’ की रिपोर्ट के मुताबिक इस फैसले से पहले ही आर्थिक तंगी से गुजर रहे देश को और संकट झेलना पड़ सकता है। ऑल पाकिस्तान टेक्सटाइल प्रॉसेसिंग मिल्स असोसिएशन के पूर्व चेयरमैन सलीम पारेख ने कहा, ‘भारत का सामान चीन और कोरियाई प्रॉडक्ट्स के मुकाबले 30 से 35 पर्सेंट तक सस्ता होता है। इसके अलावा अन्य देशों के मुकाबले आने में वक्त भी कम लगता है। यही नहीं माल ढुलाई का खर्च भी अन्य देशों से कम रहता है।’

इस बार पाकिस्तान में महंगाई बम के बीच लोग बकरीद का त्योहार मनाएंगे। पाकिस्तानी अवाम के लिए इस बार की बकरीद फीकी रहने की उम्मीद है, क्योंकि महंगे खाद्य पदार्थों से लोग रोजमर्रा की वस्तुएं भी नहीं खरीद पा रहे हैं। भारत से सभी तरह के व्यापारिक रिश्ते खत्म करने के पाकिस्तान सरकार के फैसले ने लोगों के लिए और ज्यादा मुश्किलें खड़ी कर दी हैं।

इनके दाम बढ़े

पाकिस्तान में ज्यादातर सब्जियों की आपूर्ति भारत से ही होती है। ऐसे में इमरान सरकार के व्यापार न करने के फैसले का असर दिखना शुरू हो गया है। देश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले कराची शहर में ही प्याज, अदरक, लहुसन और टमाटर जैसी सब्जियों की कीमतों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिल रही है।

क्या घास खिलाने पर मजबूर करेगी सरकार

प्याज और टमाटर की कीमतों में बढ़ोतरी से लोगों का सरकार के प्रति गुस्सा देखने को मिल रहा है।  रसोई का बजट बिगड़ने से परेशान नजमा का कहना है, ‘बढ़ती महंगाई से रसोई में रोजमर्रा की जरूरतों का बजट बिगड़ गया है। कमाई तो बढ़ नहीं रही, लेकिन दूध, सब्जी से लेकर मीट तक सब कुछ महंगा होता जा रहा है। अब भारत से व्यापार बंद करने से चीजों के दाम और ज्यादा बढ़ेंगे। घर कैसे संभालें, समझ ही नहीं आ रहा।’

प्याज बेचने वाले इफ्तिकार का कहना है, ‘ईद में बाजार से रौनक गायब है। सब्जियों और प्याज के लिए भारत पर निर्भर हैं। मुझे यकीन है कि प्याज अब और महंगी होगी। इमरान खान हमें क्या खिलाना चाहते हैं? घास?’ पता नहीं सरकार ने आखिर यह फैसला क्यों लिया?’

इन सब्जियों के बढ़े दाम

डॉन अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक कराची में अदरक और लहुसन क्रमशः 400 रुपये व 320 रुपये किलो की दर से बिक रहा है। वहीं तुरई 150 रुपये प्रति किलो, लौकी 120 रुपये प्रति किलो, बंदगोभी 80 रुपये प्रति किलो और शिमला मिर्च 120 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रही है। इसके हरी मिर्च 100 रुपये रुपये किलो, चीन से आयात होने वाली अदरक थोक बाजार में 280 रुपये प्रति किलो, ईरान का लहुसन 240 रुपये किलो की दर से बेचा जा रहा है।

ब्रेड भी महंगी

नाश्ते में लिया जाने वाला ब्रेड मक्खन भी महंगा हो गया है। अब छोटी ब्रेड का पैकेट 35 रुपये, मध्यम साइज की ब्रेड 56 रुपये और बड़ी ब्रेड का पैकेट 100 रुपये हो गया है। चार पीस वाला बन 55 रुपये और रस्क का पैकेट 80 रुपये का हो गया है। वहीं चीनी की कीमत 72 रुपये प्रति किलो हो गई है।
वस्तु कीमत 
दूध 108 रुपये प्रति लीटर
दही 122 रुपये प्रति किलो
मटन 1009 रुपये प्रति किलो
केले 130 रुपये दर्जन
सरसों का तेल 246 रुपये प्रति लीटर
प्याज  64.69 रुपये प्रति किलो
टमाटर 66.57 रुपये प्रति किलो
चीनी 77.30 रुपये प्रति किलो
केरोसिन 151.25 रुपये प्रति लीटर
एलपीजी सिलेंडर 1362.50 रुपये (11 लीटर)
पेट्रोल 113.18 रुपये प्रति लीटर
डीजल 127.30 रुपये प्रति लीटर

इनकी कीमतों में हुआ इजाफा

खाने-पीने का सामान

वस्तु   इजाफा (फीसदी में) जून की तुलना में
आलू 16.84
मूंग दाल 05.41
अंडे 05.06
गुड़ 04.80
मा की दाल 04.50
आटा 03.58
ताजी सब्जियां 03.56
मसूर दाल 02.83
घी 02.49
बेकरी और टॉफी 02.45
चावल 01.77
दूध 01.41
चने की दाल 01.31
टमाटर 01.17
चीनी 01.09
मीट 00.93
सिगरेट 11.13

अन्य वस्तुएं

वस्तु  इजाफा (फीसदी में) जून की तुलना में
गैस 30.90
गाड़ियां 09.47
कंस्ट्रक्शन सामान 05.09
पर्सनल केयर सामान 04.69
ट्रांसपोर्ट सेवा 04.23
ईंधन 03.20
बिजली 02.63
किराया 01.86
कपड़े-जूते 07.04
स्वास्थ्य सेवा 08.97
मौजमस्ती 07.06
स्कूल फीस 06.09