आप नेता आशुतोष के इस्तीफे में पार्टी में उहापोह की स्थिति, मनाने में जुटे नेता

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नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के नेता आशुतोष के इस्तीफे पर अभी भी उहापोह की स्थिति बनी हुई है. एक ओर जहां पत्रकार से नेता बने आशुतोष औपचारिक इस्तीफे की घोषणा कर चुके हैं, वहीं आम आदमी पार्टी उनके इस्तीफे को मंजूर करने से साफ इनकार कर चुकी है. सूत्रों के हवाले से खबर है कि आशुतोष को मनाने में जुटी आम आदमी पार्टी को सफलता नहीं मिली है.
In the resignation of Leader Ashutosh, the leader in celebrating the situation of bipasha, in the party
आशुतोष अपने इस्तीफे पर अड़े हैं. इस्तीफे के बाद से ही आम आदमी पार्टी उन्हें मनाने में जुटी है. यही वजह है कि बुधवार की शाम संजय सिंह ने उनसे मुलाकात की, मगर अभी तक बात नहीं बनी है. बुधवार रात को आम आदमी पार्टी के दिल्ली संयोजक और वरिष्ठ नेता गोपाल राय, सांसद संजय सिंह, दिलीप पांडेय और दुर्गेश पाठक देर रात तक आशुतोष मनाने की कोशिश में जुटे रहे लेकिन कोशिशें कामयाब नहीं हो पाई.

गौरतलब है कि बुधवार को अचानक आशुतोष के आम आदमी पार्टी से इस्तीफे की खबर आई. थोड़ी देर बाद आशुतोष ने खुद ट्वीट कर इसकी पुष्टि कर दी. आशुतोष ने निजी वजहों से इस्तीफे की बात कही. गौरतलब है कि इस्तीफा देने के बाद आशुतोष ने कहा कि हर यात्रा का एक अंत होता है. आप के साथ मेरा जुड़ाव जो बहुत ही अच्छा/क्रांतिकारी था उसका भी अंत हुआ है. मैंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है और ढअउ से इसे मंजूर करने को कहा है. ये पूरी तरह से निजी कारणों से है. पार्टी का शुक्रिया और मेरा साथ देने वालों का भी शुक्रिया. आगे आशुतोष ने मीडिया से कहा कि कृपया मेरी निजता का सम्मान करें. मैं किसी तरह से कोई बाइट नहीं दूंगा.

आशुतोष के इस्तीफे पर दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा- ‘ कैसे हम आपके इस्तीफे को स्वीकार कर सकते हैं, ना, इस जनम में तो नहीं…’ उन्होंने एक और ट्वीट कर कहा कि , ‘ आशुतोष सर हम आपको बहुत प्यार करते हैं.’ इससे पहले आप नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने ट्वीट किया, ”जिÞंदगी में एक अच्छे दोस्त, एक सच्चे इन्सान, एक भरोसेमन्द साथी के रूप में आशुतोष जी से मेरा रिश्ता जीवन पर्यन्त रहेगा, उनका पार्टी से अलग होना मेरे लिये एक हृदय विदारक घटना से कम नहीं.”

ऐसी खबरें हैं कि इस साल आम आदमी पार्टी की ओर से राज्यसभा न भेजे जाने की वजह से वह नाराज चल रहे थे. खबर है कि कि आशुतोष राजनीति से भी सन्यास ले सकते हैं. आशुतोष दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के काफी करीबी माने जाते रहे हैं. बता दें कि आम आदमी पार्टी ने संजय सिंह, सुशील गुप्ता और एनडी गुप्ता को राज्यसभा में भेजा था.