ईरान बोला- अगर नेतन्याहू जिंदा है तो उसे ढूंढकर मारेंगे:वह मासूम बच्चों का हत्यारा; इजराइल ने नेतन्याहू की मौत की खबर को फर्जी बताया

0
3

TIO तेल अवीव/तेहरान

अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 16वां दिन है। इस बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि अगर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू जिंदा हैं तो उन्हें ढूंढकर मारेंगे।

अल जजीरा के मुताबिक, IRGC ने कहा, “बच्चों का हत्यारा अगर जीवित है, तो पूरी ताकत से उसका पीछा करेंगे और उसे मारेंगे।”

दरअसल, 13 मार्च को नेतन्याहू का एक वीडियो संदेश सामने आया था। इस वीडियो के एक फ्रेम में उनकी दाईं हाथ में छह अंगुलियां दिखाई देने का दावा किया गया। इसके बाद कुछ यूजर्स ने वीडियो को एआई या डीपफेक बताया था। लोगों का कहना था कि, यह असली नेतन्याहू नहीं हैं।

इसके बाद दावा किया गया कि ईरान के हमले में नेतन्याहू की हत्या हो गई या वे जर्मनी भाग गए हैं। पीएम कार्यालय ने बयान जारी कर कहा कि प्रधानमंत्री सुरक्षित हैं और ऐसी खबरें फेक न्यूज हैं।

ईरान बोला- सुप्रीम लीडर मुजतबा पूरी तरह ठीक

ईरान ने कहा है कि देश के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई पूरी तरह ठीक हैं और उन्हें कोई चोट नहीं लगी है। इससे पहले ब्रिटिश मीडिया द सन ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि मुजतबा 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल के हमले में घायल हो गए थे। इसके बाद से वे कोमा में हैं और उनका एक पैर भी काटना पड़ा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ने भी कहा था कि मुजतबा घायल हो गए हैं। हालांकि अराघची ने इन दावों को खारिज कर दिया है।

इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग से जुड़ी 3 तस्वीरें…

ट्रम्प ने शनिवार को ईरान के खार्ग आइलैंड पर हमले का फुटेज जारी किया।
ट्रम्प ने शनिवार को ईरान के खार्ग आइलैंड पर हमले का फुटेज जारी किया।
ईरानी हमले के बाद शुक्रवार को सेंट्रल इजराइल के कुछ हिस्से में आग लग गई।
ईरानी हमले के बाद शुक्रवार को सेंट्रल इजराइल के कुछ हिस्से में आग लग गई।
ईरान ने शुक्रवार को इजराइल-अमेरिका के ठिकानों को टारगेट करके कई ड्रोन लॉन्च किए।
ईरान ने शुक्रवार को इजराइल-अमेरिका के ठिकानों को टारगेट करके कई ड्रोन लॉन्च किए।

अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स 

चीन बोला- हम संघर्ष खत्म करने की अपील कर रहे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन से कहा है कि वे होर्मुज स्ट्रेट में तेल टैंकरों की सुरक्षा के लिए अपने वॉरशिप भेजें।

हालांकि अब तक किसी भी देश ने सार्वजनिक रूप से ट्रम्प के इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने अमेरिकी मीडिया से कहा कि ब्रिटेन अपने सहयोगियों और साझेदारों के साथ क्षेत्र में जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दूसरे विकल्पों पर चर्चा कर रहा है।

चीन ने कहा है कि वह संघर्ष खत्म करने की अपील कर रहा है। चीनी दूतावास के अधिकारियों ने कहा कि सभी देशों की जिम्मेदारी है कि ऊर्जा आपूर्ति स्थिर बनी रही।

जापान के अधिकारियों ने स्थानीय मीडिया से कहा कि केवल ट्रम्प के कहने पर जापान युद्धपोत नहीं भेजेगा। उन्होंने कहा कि जापान अपने फैसले खुद लेता है और स्वतंत्र निर्णय लेना उसके लिए जरूरी है।

फ्रांस ने भी साफ कर दिया है कि वह जहाज नहीं भेज रहा। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा है कि वह ट्रम्प के प्रस्ताव की सावधानी से समीक्षा करेगा और इस मुद्दे पर अमेरिका के साथ करीबी संपर्क बनाए रखेगा।

इजराइल में पिछले 24 घंटे में 100 से ज्यादा लोग घायल

इजराइल के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार ईरान के साथ जारी संघर्ष के कारण पिछले 24 घंटों में 108 लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

द टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के मुताबिक मंत्रालय ने यह नहीं बताया कि सभी लोग सीधे मिसाइल या रॉकेट हमलों से घायल हुए हैं या नहीं। कुछ लोग हमलों के दौरान शरण स्थल तक पहुंचने की कोशिश में भी घायल हो सकते हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि 28 फरवरी से कुल 3,195 लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया जा चुका है। इनमें से 81 लोग अभी भी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं।

सऊदी अरब ने 4 ड्रोन मार गिराए

सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि रियाद में चार ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया।

मंत्रालय के अनुसार ये ड्रोन शहर की ओर आ रहे थे, जिन्हें वायु रक्षा प्रणाली ने हवा में ही गिरा दिया।

ईरान में इजराइल के लिए जासूसी के आरोप में 20 लोग गिरफ्तार

ईरान के उत्तर-पश्चिमी प्रांत वेस्ट अजरबैजान में 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन पर इजरायल के लिए जासूसी करने का आरोप है।

तसनीम समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार प्रांत के अभियोजक कार्यालय ने बताया कि इन लोगों पर ईरान के सैन्य, पुलिस और सुरक्षा ठिकानों की लोकेशन इजराइल को भेजने का आरोप है।

रिपोर्ट के मुताबिक ये लोग इजराइल को सुरक्षा ठिकानों की जानकारी भेजकर हमलों में मदद कर रहे थे। पिछले हफ्ते रॉयटर्स ने भी रिपोर्ट दी थी कि इजराइल ने ईरान में मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर कुछ सुरक्षा ठिकानों को निशाना बनाया है।

ईरान-इजराइल जंग से जुड़ी तस्वीरें देखिए

जंग के बीच लंदन में घर खोजना मुश्किल: एक हफ्ते का किराया 3-4 लाख रुपए; लेबनान में 2 लाख बच्चे बेघर हुए, 

अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 16वां दिन है। इस बीच मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण बड़ी संख्या में ब्रिटिश प्रवासी दुबई से वापस लौट रहे हैं। इसके चलते लंदन में किराए के घरों की मांग अचानक बढ़ गई है।

हमास ने मुजतबा खामेनेई के चुने जाने पर बधाई दी

हमास ने ईरान के नए सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई को चुने जाने पर बधाई दी है। हमास लीडर मोहम्मद दरविश ने कहा कि मुश्किल हालात के बावजूद ईरान में सत्ता का बदलाव बहुत शांत और व्यवस्थित तरीके से हुआ।

दरविश ने उम्मीद जताई कि इस्लाम और मुसलमानों के दुश्मनों के खिलाफ लड़ाई में ईरान की जीत होगी। उन्होंने कहा कि उन्हें भरोसा है कि ईरान पहले की तरह हर तरह से फिलिस्तीनी जनता और उनके प्रतिरोध का समर्थन जारी रखेगा।

ईरान ने UAE के अल-धफरा एयरबेस पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अल-धफरा एयरबेस पर तैनात अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाया। IRGC ने कहा कि इस हमले में 10 मिसाइलें और कई ड्रोन इस्तेमाल किए गए।

IRGC के बयान के अनुसार इन मिसाइलों और ड्रोन ने एयरबेस पर मौजूद कुछ सैन्य ढांचे, जैसे एयर डिफेंस सिस्टम और अन्य सुविधाओं को निशाना बनाया।

अल-धफरा एयरबेस यूएई में स्थित एक महत्वपूर्ण अमेरिकी सैन्य अड्डा है, जहां से अमेरिका खाड़ी क्षेत्र में हवाई अभियानों और निगरानी मिशनों की देखरेख करता है।

ईरान के इस्फहान में हमलों में 15 लोगों की मौत

ईरान के इस्फहान शहर में फैक्ट्रियों और सैन्य ठिकानों पर हुए हमलों में 15 लोगों के मारे जाने की खबर है। रिपोर्टों के अनुसार अब तक तेहरान सहित ईरान के 200 से ज्यादा शहरों को निशाना बनाया जा चुका है।

इस्फहान देश के सबसे बड़े शहरों में से एक है और यहां कई औद्योगिक और सैन्य परिसर मौजूद हैं। हमलों में इन फैक्ट्रियों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जा रहा है।

ईरान के इस्फहान में हवाई हमलों के बाद धुएं का गुबार

ईरान के इस्फहान में तड़के हुए हवाई हमलों के बाद आसमान में घना काला धुआं उठता देखा गया। इस्फहान ईरान का एक अहम औद्योगिक और सैन्य क्षेत्र माना जाता है, जहां मिसाइल और रक्षा से जुड़े कई ठिकाने मौजूद हैं। इसलिए यह शहर हालिया संघर्ष के दौरान बार-बार निशाने पर रहा है।

इजराइल के पास मिसाइल इंटरसेप्टर की कमी, 826 मिलियन अमेरिकी डॉलर का बजट मंजूर

इजराइल ने हाल ही में अपनी बैलिस्टिक मिसाइल इंटरसेप्टर (Arrow-2 और Arrow-3 सिस्टम) की गंभीर कमी की जानकारी दी है। यह ईरान के साथ चल रहे संघर्ष में लगातार मिसाइल हमलों के कारण हुई है।

इन हमलों में इजराइल को हर बार कई इंटरसेप्टर मिसाइलों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है, जिससे स्टॉक तेजी से कम हो गया है। इस स्थिति को देखते हुए, इजराइली सरकार ने 2.6 अरब शेकेल (लगभग 826 मिलियन अमेरिकी डॉलर) का इमरजेंसी बजट मंजूर किया है।

यह राशि हथियारों, लड़ाकू साधनों और क्रिटिकल इन्वेंटरी की कमी को पूरा करने के लिए दिया है। यह कदम इजराइल की मल्टी-लेयर एयर डिफेंस सिस्टम को बनाए रखने के लिए उठाया गया है।

इजराइली हवाई हमले में लेबनान में 1 व्यक्ति की मौत

लेबनान के दक्षिणी शहर सिदोन में एक रिहायशी इमारत पर इजराइल के हवाई हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई है।

लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी के अनुसार यह हमला शहर के शरहबील इलाके में हुआ। हमले के बाद इमारत में आग लग गई।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि हमले में और कितने लोग घायल हुए हैं। अधिकारियों ने कहा है कि घटना से जुड़ी और जानकारी आने का इंतजार किया जा रहा है।

इजराइल ने कई मिसाइलों को हवा में मार गिराया

इजराइल की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पिछले एक घंटे में देश के दक्षिणी हिस्सों की ओर दागी गई मिसाइलों को वायु रक्षा प्रणाली ने इंटरसेप्ट कर दिया।

इजराइली समाचार वेबसाइट वाईनेट न्यूज ने बताया कि मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया और इन घटनाओं में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

सऊदी अरब पर ड्रोन अटैक, ईरान ने हमले से इनकार किया

सऊदी अरब ने कहा है कि उसने राजधानी रियाद और देश के पूर्वी क्षेत्रों के आसपास 10 ड्रोन को इंटरसेप्ट कर गिरा दिया।

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस हमले से किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया है।

आईआरजीसी ने बयान जारी कर कहा, “इस हमले का ईरान से कोई संबंध नहीं है और सऊदी सरकार को पता लगाना चाहिए कि यह हमला किसने किया है।”

फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि ड्रोन किसने भेजे थे। अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है।

इजराइल ने लोगों से बंकरों में शरण लेने को कहा

इजराइल के होम फ्रंट कमांड ने चेतावनी जारी की है कि देश के दक्षिणी हिस्सों की ओर रॉकेट और मिसाइल दागे गए हैं। अधिकारियों ने वहां रहने वाले लोगों से तुरंत सुरक्षित स्थानों या बंकरों में शरण लेने को कहा है।

रिपोर्ट के अनुसार मिसाइलों का पता लगते ही कई इलाकों में हवाई हमले के सायरन बजाए गए, ताकि नागरिकों को समय रहते सुरक्षित जगह पहुंचने का मौका मिल सके।

इजराइल की नागरिक सुरक्षा प्रणाली में ऐसे हमलों के दौरान लोगों को चेतावनी देने के लिए सायरन और मोबाइल अलर्ट का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे नागरिकों को आमतौर पर कुछ मिनटों का समय मिल जाता है कि वे बंकर या सुरक्षित कमरों में पहुंच सकें।

फिलहाल मिसाइल हमलों से हुए नुकसान या हताहतों की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। अधिकारियों ने कहा है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जैसे-जैसे नई जानकारी मिलेगी, उसे जारी किया जाएगा।

इजराइल से सीधी बातचीत के लिए तैयार लेबनान

लेबनान ने इजराइल से सीधे बातचीत की इच्छा जताई है। दोनों देश दशकों से आधिकारिक तौर पर युद्ध की स्थिति में हैं, इसलिए इसे बड़ा कदम माना जा रहा है।

यह पहल ऐसे समय में हुई है जब दक्षिणी लेबनान में इजराइली हमलों का खतरा बना हुआ है। इजराइल के कुछ नेताओं ने चेतावनी दी है कि बेरूत का हाल गाजा के खान यूनिस जैसा हो सकता है, जहां भारी तबाही हुई थी।

अल जजीरा के मुताबिक फ्रांस दोनों देशों के बीच तनाव खत्म कराने की कोशिश कर रहा है। फ्रांस इस योजना में अमेरिका को भी शामिल करना चाहता है, ताकि मिलकर इस संघर्ष को खत्म करने की कोशिश की जा सके।

ईरान का दावा- अमेरिका ने ‘शाहेद’ ड्रोन की कॉपी से फॉल्स-फ्लैग हमले किए

ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका और इजराइल उसके शाहेद-136 ड्रोन की कॉपी बनाकर फॉल्स-फ्लैग हमले कर रहे हैं। ईरानी सेना के मुताबिक दुश्मन देशों ने उसी जैसा दिखने वाला ड्रोन बनाया है, जिसे “लूकस” नाम दिया गया है।

ईरान का दावा है कि इन ड्रोन से कुछ देशों में नागरिक ठिकानों पर हमले किए जा रहे हैं और फिर इसका आरोप ईरान पर लगाया जा रहा है। हाल में तुर्किये, कुवैत और इराक में हुए कुछ हमलों को भी गलत तरीके से तेहरान से जोड़ा गया।

ईरान ने कहा कि उसकी सेना सिर्फ अमेरिका और इजराइल के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाती है। नागरिक ठिकानों पर हमले करने को ईरान ने खारिज किया है।

ईरान ने इराक और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने इजराइल और इराक व कुवैत में मौजूद तीन अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।

IRGC ने दावा किया कि इराक के एरबिल में स्थित हरिर एयरबेस और कुवैत में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी वाले अली अल-सलेम एयरबेस और अरिफजान बेस को ईरानी मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया गया।

इंडिगो ने दुबई उड़ानों पर पाबंदी बढ़ाई

भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने बिगड़ते हालात के कारण दुबई के लिए अपनी उड़ान सेवाओं पर और पाबंदियां लगा दी हैं।

एयरलाइन ने अपनी फ्लाइट शेड्यूल में बदलाव किया है और यात्रियों से कहा है कि एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी फ्लाइट की स्थिति जरूर जांच लें।

इससे पहले शनिवार को इंडिगो ने दोहा, कुवैत, बहरीन, दम्माम, फुजैरा, रास अल खैमा और शारजाह के लिए उड़ान सेवाएं 28 मार्च तक निलंबित कर दी थीं।

एयरलाइन ने कहा कि यह फैसला बदलते हालात और सुरक्षा कारणों को देखते हुए लिया गया है।

ईरान समर्थित इराकी मिलिशिया का दावा- अमेरिकी ठिकानों पर 5 हमले किए

इराक के सशस्त्र समूह सराया अवलिया अल-दम ने दावा किया है कि उसने शनिवार को अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर 5 हमले किए।

समूह ने कहा कि ये हमले ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या और उसके लड़ाकों की मौत के जवाब में किए गए।

उनके अनुसार हमलों में उत्तरी इराक के एरबिल शहर में अमेरिकी ठिकाने और बगदाद एयरपोर्ट के विक्टोरिया बेस को निशाना बनाया गया।

सराया अवलिया अल-दम एक ईरान समर्थित शिया मिलिशिया है, जो इस्लामिक रेसिस्टेंस इन इराक नेटवर्क का हिस्सा मानी जाती है और पहले भी अमेरिकी और गठबंधन ठिकानों पर हमलों का दावा करती रही है।

 कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन उससे पहले युद्धविराम होना जरूरी है।