सीबीआई में जंग: कांग्रेस ने सरकार पर बोला हमला, वर्मा को हटाने पर खड़े किए सवाल

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नई दिल्ली। सीबीआई के दो शीर्ष अधिकारियों के बीच जंग में अब सियासत की भी एंट्री हो गई है। केंद्र सरकार द्वारा सीबीआई चीफ आलोक वर्मा को जबरन छुट्टी पर भेजे जाने के फैसले पर कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं। बता दें कि केंद्र ने एक आदेश जारी कर वर्मा और राकेश अस्थाना को उनके पदों से हटाकर उन्हें छुट्टी पर भेज दिया है। इस बीच, वर्मा सरकार के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं। शीर्ष अदालत में शुक्रवार को उनकी याचिका पर सुनवाई होगी।
Jang in CBI: Congress says talks on government, raising questions on Verma’s removal
मनीष तिवारी ने बोला हमला
कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने ट्वीट कर सरकार के फैसले पर सवाल उठाए हैं। तिवारी ने ट्वीट में कहा है, ‘लोकपाल ऐक्ट और जैन हवाला दोनों मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले में साफ है कि सीबीआई डायरेक्टर का दो साल का फिक्स कार्यकाल होता है। सरकार इसमें कमी नहीं कर सकती है। इसके अलावा बिना पीएम, चीफ जस्टिस और विपक्ष के नेता/ या विपक्ष में सबसे बड़ी पार्टी के नेता के साथ बैठक के सरकार कोई अंतरिम फैसला नहीं कर सकती है।’

रणदीप सुजरेवाला ने भी सरकार को घेरा
कांग्रेस के एक अन्य नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी सरकार की आलोचना की है। उन्होंने ट्वीट कर सवाल पूछा कि पीएम नरेंद्र मोदी सीधे सीबीआई चीफ को कैसे हटा सकते हैं? क्या सीबीआई चीफ की राफेल सौदे की जांच की इच्छा के कारण उन्हें हटाया गया है। मोदी सरकार ने सीबीआई की स्वतंत्रता में आखिरी कील ठोक दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम ने सीबीआई की निष्पक्षता, विश्वसनीयता को खत्म करने का काम किया है।

सरकार ने दिया तर्क
उधर, सरकार का तर्क है कि उसने सीवीसी की अनुशंसा पर वर्मा और अस्थाना को हटाने का फैसला किया है। सरकार ने तर्क दिया है कि सीवीसी ने दोनों अधिकारियों को हटाने की अनुशंसा की थी। सूत्रों के अनुसार सीवीसी ने सरकार को अनुशंसा की थी कि जिस तरह से सीबीआई के दो शीर्ष अधिकारियों में जंग चल रही है वैसे में उन्हें जबरन छुट्टी पर भेज दिया जाना चाहिए और उनसे सभी अधिकारी ले लिए जाने चाहिए। सीवीसी की इस अनुशंसा को पीएम नरेंद्र मोदी को भी अवगत कराया गया। सूत्रों ने बताया की पीएम भी इसे सहमत थे। इसके बाद सरकार ने दोनों अधिकारियों को छुट्टी पर भेजने का फैसला किया।

प्रशांत भूषण फैसले को देंगे चुनौती
इधर, वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने वर्मा को हटाने के सरकार के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है। उन्होंने एक ट्वीट में लिखा, ‘जैसा डर था। सरकार ने सीबीआई डायरेक्टर से उनका कार्यभार छीन लिया है क्योंकि वह भ्रष्ट स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के खिलाफ जांच कर रहे थे। यह गैरकानूनी है। हम मामले को चुनौती देंगे।’