नई दिल्ली। भाजपा के दिग्गज नेता रहे जसवंत सिंह के पुत्र मानवेंद्र सिंह ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। मानवेंद्र सिंह बुधवार को राहुल गांधी से मिलने पहुंचे और इस दौरान उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। उनके साथ उनकी पत्नी चित्रा सिंह और कुछ अन्य लोग भी पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करेंगे।
Jaswant’s son Manvendra became Congress, left with BJP, joining Rahul
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही मानवेंद्र ने भाजपा को छोड़ने का एलान किया था। मानवेंद्र सिंह राजस्थान में कांग्रेस का राजपूत चेहरा होंगे। फिलहाल कांग्रेस के पास पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष दीपेंद्र सिंह शेखावत के अतिरिक्त कोई बड़ा चेहरा राजपूत वोट बैंक को साधने के लिए नहीं है, जबकि भाजपा में केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़, गजेन्द्र सिंह शेखावत, प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राजेंद्र राठौड़, गजेंद्र सिंह खींवसर और पुष्पेंद्र सिंह जैसे नेता हैं।
मानवेंद्र के कांग्रेस में शामिल होने से मारवाड़ (जोधपुर)संभाग की करीब तीन दर्जन सीटों के समीकरण बदल सकते हैं। राज्य की भाजपा सरकार से नाराज चल रहे राजपूत समाज को कांग्रेस के साथ लाने में मानवेंद्र कितने सफल होंगे, यह तो चुनाव परिणाम आने के बाद सामने आएगा लेकिन कांग्रेस को उनसे काफी उम्मीद हैं।
बाड़मेर में पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह के परिवार का प्रभुत्व रहा है। जसवंत सिंह और बाद में मानवेंद्र यहां से सांसद रहे। मानवेंद्र वर्तमान में शिव विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। करेंगे केंद्र की राजनीति जानकारी के अनुसार मानवेंद्र अब केंद्र की राजनीति करेंगे। कांग्रेस उन्हें बाड़मेर संसदीय सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ा सकती है। उनकी पत्नी चित्रा सिंह शिव से विधानसभा का चुनाव लड़ सकती हैं।
जानकारी के अनुसार कांग्रेस नेतृत्व के साथ हुई बातचीत में मानवेंद्र ने खुद लोकसभा और चित्रा सिंह को विधानसभा चुनाव लड़ाने की बात कही है।मानवेंद्र ने कांग्रेस में शामिल होने की बात स्वीकारीराजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट और मानवेंद्र सिंह ने कांग्रेस में शामिल होने की बात स्वीकार की है। पायलट ने कहा कि मानवेंद्र सिंह के अतिरिक्त भाजपा के कुछ अन्य नेता भी कांग्रेस में शामिल होना चाहते हैं। वहीं, मानवेंद्र सिंह ने कहा कि वह राहुल गांधी और अन्य नेताओं के समक्ष कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करेंगे।
सीएम वसुंधरा राजे संग जसवंत सिंह के परिवार के हैं मतभेद मानवेंद्र सिंह के पिता जसवंत सिंह भाजपा के संस्थापकों में से एक रहे हैं। जसवंत सिंह चार बार लोकसभा सदस्य और पांच बार राज्यसभा सदस्य रहे हैं। लेकिन, 2014 के चुनाव में पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया, जिसके पीछे सीएम वसुंधरा राजे को वजह माना गया। इस पर जसवंत सिंह निर्दलीय तौर पर चुनाव लड़े और मोदी लहर के बावजूद उन्हें चार लाख से ज्यादा वोट मिले। हालांकि, वह चुनाव हार गए।

