TIO श्रीनगर
जम्मू-कश्मीर में कुलगाम के अखल जंगल में सुरक्षाबलों ने शनिवार को लश्कर-ए-तैयबा के एक आतंकवादी को मार गिराया है। उसका शव भी बरामद हुआ है। आतंकी की पहचान पुलवामा के हारिस नजीर डार के रूप में हुई है।
हारिस उन 14 लोकल आतंकियों की लिस्ट में था, जिनके नाम सरकार ने पहलगाम हमले के बाद जारी किए थे। हारिस सी-कैटेगरी का आतंकी था। उसके पास से AK-47 राइफल, मैगजीन और ग्रेनेड और गोला-बारूद बरामद हुआ है।
कुलगाम में कल रात से सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच फायरिंग हो रही है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और CRPF ऑपरेशन को अंजाम दे रहे हैं। अभी और आतंकियों के छिपे होने की आशंका है।
जम्मू-कश्मीर में इस हफ्ते की यह तीसरी मुठभेड़ है। इससे पहले, 28 जुलाई को सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन महादेव के तहत, लिडवास के जंगलों में पहलगाम हमले में शामिल 3 आतंकियों को मारा था। 31 जुलाई को पुंछ में LoC के पास दो और आतंकी घुसपैठ के दौरान मारे गए थे।

कुलगाम में सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकियों ने फायरिंग की
एक अधिकारी ने बताया कि इलाके में आतंकी गतिविधि की गुप्त सूचना मिलने के बाद शनिवार को सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया था। इस दौरान आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई।
जंगल में कुल कितने आतंकी छिपे हैं, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए इलाके में और सिक्योरिटी फोर्सेज को भेजा गया है।
शाह बोले- पहलगाम के आतंकियों की पहचान पाकिस्तानी वोटर ID-चॉकलेट से हुई
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ऑपरेशन महादेव के अगले दिन, 29 जुलाई को पहलगाम हमले के आतंकियों के मारे जाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तीनों आतंकियों के नाम सुलेमान, अफगान और जिब्रान हैं। ये तीनों आतंकी पहलगाम हमले में शामिल थे।
शाह ने बताया, ‘पाकिस्तानी वोटर ID-चॉकलेट से पहलगाम के आतंकियों की पहचान की। हमले के दिन प्लानिंग की, 3 महीने ट्रैक किया फिर घेरकर मारा। हमारे पास इसके सबूत भी हैं।’ उन्होंने बताया कि आतंकियों की मदद करने वाले 2 आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।


