TIO भोपाल
मध्य प्रदेश के IPS अफसर वी. मधु कुमार को लोकायुक्त ने रिश्वत कांड के मामले में क्लीन चिट दे दी है. राज्य सरकार ने रिश्वत कांड का वीडियो आने के बाद मधु कुमार को परिवहन आयुक्त के पद से हटा दिया था. इसके बाद से मधु कुमार पुलिस मुख्यालय में अटैच कर दिए गए थे. उन्हें क्लीन चिट मिलने के बाद पुलिस मुख्यालय आरटीआई के पद पर पदस्थ किया गया है.
गौरतलब है कि 20 जुलाई 2020 को तत्कालीन परिवहन आयुक्त वी. मधु कुमार के खिलाफ 2016 का एक वीडियो वायरल किया गया था. वीडियो वायरल के चलते राज्य सरकार ने मधु कुमार को परिवहन आयुक्त पद से हटा दिया था. लोकायुक्त की जांच में पता चला कि वीडियो कैलिफोर्निया से 18 जुलाई को जारी किया गया था. इतना ही नहीं, जिसे शख्स ने वीडियो जारी किया था उसने अपना मोबइल भी बंद कर लिया. करीब 4 महीने की जांच के बाद लोकायुक्त ने इस मामले में जांच के बाद मधु कुमार को क्लीन चिट दे दी.
ये था पूरा मामला, सामने आए ये तथ्य
मधु कुमार का जो वीडियो वायरल हुआ था वह 30 जनवरी 2016 में आगर गेस्ट हाउस में बनाया गया बताया गया था. मधु कुमार सिंहस्थ की समीक्षा के लिए वहां गए थे. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद सरकार ने उन्हें हटाकर एसपी उज्जैन लोकायुक्त को जांच सौंपी थी. लोकायुक्त एसपी ने वीडियो में दिख रहे उन 5 लोगों के बयान दर्ज किए, जो मधु कुमार को लिफाफे दे रहे थे. इसके बाद जांच में पता चला कि पांचों कर्मचारियों ने लिफाफे में जांच रिपोर्ट मधु कुमार को सौंपी थी. रिश्वत देने जैसी कोई बात सामने नहीं आने के कारण मधु कुमार को इस मामले में क्लीन चिट दी गई.

