उज्जैन । मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर के प्रशासक का प्रभार अब स्मार्ट सिटी के सीईओ अवधेश शर्मा को सौंप दिया गया है। अब तक यह जिम्मा उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) सीईओ अभिषेक दुबे संभाल रहे थे। बताया जाता है कि 11 जनवरी को पर्यटन विकास मंत्री सुरेंद्रसिंह बघेल के महाकाल मंदिर आगमन के दौरान तराना के विधायक महेश परमार ने नाराजी जताई थी।
Minister’s shoes were removed from the Mahakal temple, the administrator removed!
मंदिर समिति के कर्मचारियों ने मंत्री के जूते धर्मशाला के पास उतरवा दिए थे, जबकि वीआइपी कोटितीर्थ तक जूते पहनकर जा सकते हैं। इस पर विधायक ने आपत्ति दर्ज कराई थी। यह दूसरा मौका है जब मंदिर प्रशासक का प्रभार दोबारा स्मार्ट सिटी के सीईओ को सौंपा है। यूडीए सीईओ दुबे से पहले भी शर्मा ही यही दायित्व संभाल रहे थे। सोमवार से शर्मा ने मंदिर का काम संभालना भी शुरू कर दिया।
इस घटना के बाद चली थी चर्चा
मंत्री सुरेंद्रसिंह बघेल 11 जनवरी को शहर भ्रमण पर आए थे और रामघाट व त्रिवेणी पर नदी की स्थिति का निरीक्षण किया था। इस दौरान वह महाकाल मंदिर पूजन व दर्शन करने पहुंचे थे। इस दौरान उनके जूते धर्मशाला के पास ही उतरवा दिए थे, जबकि वीआइपी कोटितीर्थ कुंड तक जूते सहित जाते हैं। इस बात को लेकर विधायक महेश परमार ने नाराजगी जताई थी और काफी विरोध दर्ज कराया था।
महाकाल मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक का प्रभार अस्थाई तौर पर स्मार्ट सिटी सीईओ अवधेश शर्मा को देने का आदेश जारी किया है। यूडीए सीईओ दुबे ने काम की अधिकता के कारण प्रशासक पद से मुक्त करने का आग्रह किया था।
– शशांक मिश्रा, कलेक्टर व अध्यक्ष महाकाल मंदिर प्रबंध समिति

