इंदौर। मध्यप्रदेश में इस बार कहा जा रहा है राज्य में युवा मतदाता जिस पार्टी का साथ देंगे, उसकी नैया पार हो जाएगी। चुनाव आयोग के अनुसार मप्र में करीब 1 करोड़ 40 लाख ऐसे युवा मतदाता हैं जिनकी आयु 18-29 साल के बीच की है। इनमें से 18-19 साल की आयु वर्ग वाले युवाओं की संख्या करीब 23 लाख है।
MP elections: 70 lakh youth will vote for first time, new government will create
करीब 70 लाख युवा ऐसे हैं जो पहली बार अपने क्षेत्र के विधायक को चुनने के लिए मताधिकार का प्रयोग करेंगे। जिस दल की तरफ युवाओं का रुझान रहेगा, जीत का सेहरा भी उसी दल के नेता के सिर बंध सकता है। युवा मतदाताओं को रिझाने के लिए तमाम दावे करने वाले भाजपा ने अपनी युवा बिग्रेड भारतीय जनता युवा मोर्चा के एक भी नेता को मैदान में नहीं उतारा। दूसरी तरफ कांग्रेस ने इस बार अपने युवा नेताओं पर अधिक भरोसा दिखाया है।
पार्टी ने अपनी छात्र इकाई एनएसयूआई के नेता विपिन वानखेड़े और युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कुणाल चौधरी को टिकट देकर चुनावी रण में उतारा है। कांग्रेस ने युवा कांग्रेस और एनएसयूआई से जुड़े 1 दर्जन से अधिक नेताओं को चुनावी मैदान में उतारा है।

