चेन्नै। तेलुगु देशम पार्टी के नेता और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ऐंटी-बीजेपी मोर्चा बनाने की कोशिश में पूरी शिद्दत से जुटे हुए हैं। इसके लिए वह देशभर में घूमकर क्षेत्रीय पार्टियों के नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। दरअसल, 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले बीजेपी के खिलाफ महागठबंधन बनाने के लिए कई विरोधी नेता एकसाथ आ रहे हैं। अब नायडू को तमिलनाडु की एक बड़ी पार्टी का भी समर्थन मिल गया है। नायडू ने डीएमके प्रेजिडेंट एमके स्टालिन के घर जाकर उनसे मुलाकात की।
Naidu suffers from complete anti-NDA alliance with Naidu, now meets Stalin
इस अहम बैठक में डीएमके के दूसरे वरिष्ठ नेता जैसे राज्यसभा सांसद एमके कनिमोझी और एमके अलागिरी भी मौजूद थे। इस दौरान स्टालिन ने बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए के खिलाफ विपक्षी पार्टियों के मोर्चे को लेकर नायडू के प्रयासों का समर्थन करने की घोषणा की। स्टालिन ने यह भी कहा, ‘देशभर के क्षेत्रीय नेताओं को बीजेपी को सत्ता से बेदखल करने के लिए तत्काल साथ आना चाहिए। ऐंटी-नेशनल, ऐंटी-सेक्युलर बीजेपी के शासन को रोकने की जरूरत है और नायडू ने इस दिशा में कदम बढ़ाया है। नायडू राहुल गांधी से मिले हैं। जब वह राहुल से मिले तो मैंने इसका स्वागत किया और समर्थन किया।’
स्टालिन ने सभी राज्यों के नेताओं से बीजेपी के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि उइक, फइक और न्यायपालिका जैसे संस्थानों को स्वायत्त होना चाहिए लेकिन यह सरकार ऐसा नहीं चाहती है। वहीं, नायडू ने कहा कि डीएमके के साथ उनके अच्छे संबंध हैं और वह कांग्रेस के साथ काम कर देश को बचाना चाहते हैं।
कांग्रेस के साथ मतभेद 40 वर्षों से पर…
टीडीपी लीडर ने यह भी कहा कि कांग्रेस के साथ मतभेद पिछले 40 वर्षों से हैं लेकिन हमें साथ आना होगा क्योंकि देश और लोकतंत्र ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। नायडू ने कहा, ‘कांग्रेस मुख्य विपक्षी पार्टी हैं। उसका पूरे देश में जनाधार है। हम क्षेत्रीय नेता हैं। ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में मजबूत हैं, स्टालिन तमिलनाडु में। मैं अलायंस का चेहरा नहीं हूं।’ आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने साफ किया है कि वह बीजेपी विरोधी मोर्चे का चेहरा नहीं हैं। उन्होंने कहा कि गठबंधन का नेतृत्व कौन करेगा, इस पर बाद में फैसला होगा।
स्टालिन मोदी से बेहतर: नायडू
एक सवाल के जवाब में नायडू ने कहा, मैं साफ कर चुका हूं कि मैं आकांक्षी नहीं हूं, मैं बस इसे आगे बढ़ा रहा हूं… मैं हर किसी को साथ लाऊंगा। हम फैसला करेंगे और चीजों को आगे बढ़ाएंगे। गठबंधन का नेतृत्व कौन करेगा, इस पर उन्होंने कहा कि कई नेता हैं, स्टालिन भी नरेंद्र मोदी से बेहतर हैं… कई मजबूत नेता हैं… हम इस पर काम करेंगे और फैसला करेंगे।
डीएमके चीफ से 50 मिनट तक मुलाकात के बाद नायडू ने कहा कि वह स्टालिन से देश को बचाने के लिए साथ देने का आग्रह करने आए थे क्योंकि लोकतंत्र और देश खतरे में है और हम सबको भाजपा के खिलाफ एकजुट होना होगा। आपको बता दें कि इससे पहले नायडू ने हाल ही में शरद पवार, फारूक अब्दुल्ला, एचडी देवगौड़ा, मायावती समेत कई विपक्षी नेताओं से मुलाकात कर चुके हैं।

