गोल्डन ग्लोब रेस में घायल हुए नौसेना के कमांडर अभिलाष टोमी से संपर्क हुआ

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मेलबर्न/कोच्चि। गोल्डन ग्लोब रेस में हिस्सा लेने के दौरान दक्षिणी हिंद महासागर के आसपास बीच रास्ते में तूफान के चलते घायल हुए भारतीय नाविक अभिलाष टोमी संदेशों के जरिए फ्रांस में मौजूद रेस आयोजकों के साथ संपर्क में हैं। सेना के एक प्रवक्ता ने शनिवार को बताया कि वह चल पाने में सक्षम नहीं हैं, इसलिए उन्होंने एक स्ट्रेचर का निवेदन किया है।
Naval commander Abhilash Tommy injured in Golden Globe race
गोल्डन ग्लोब रेस में स्वदेश निर्मित नौकायन पोत एस वी थुरिया पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे कमांडर टोमी को शुक्रवार को कमर में चोट लग गई थी। कमांडर अभिलाष जब 14 मीटर ऊंची लहरों वाले खतरनाक तूफान में उनके पोत का मस्तूल टूट गया था। सैन्य प्रवक्ता ने एक विज्ञप्ति में आॅस्ट्रेलियाई संयुक्त बचाव समन्वय केंद्र (जेआरसीसी) के हवाले से कहा, ‘कमांडर अभिलाष संदेशों के माध्यम से फ्रांस में रेस कंट्रोल के साथ संपर्क में हैं। रेस कंट्रोल जेआरसीसी आॅस्ट्रेलिया को संदेश प्रसारित कर रहा है। उन्होंने एक स्ट्रेचर का आग्रह किया है क्योंकि वह खुद से चल पाने में समर्थ नहीं हैं।’

दूसरे प्रतिभागी एस वी हानले एनर्जी एंडुरेंस भी एस वी थुरिया की तरफ बढ़ रहे हैं। हालांकि, इस पोत को खुद भी बहुत नुकसान पहुंचा है। मछली पकड़ने में इस्तेमाल होने वाला आॅस्ट्रेलियाई पोत ओशिरिस भी उस स्थान की तरफ बढ़ रहा है जहां टोमी फंसे हुए हैं। इसमें बताया गया कि ओशिरिस में एक चिकित्सा अधिकारी सवार हैं और उसमें एक बिस्तर वाला अस्पताल भी मौजूद है। एक रॉयल आॅस्ट्रेलियन नेवी शिप भी वहां के लिए रवाना होगा और वह चार से पांच दिन में वहां पहुंचेगा।

विज्ञप्ति में बताया गया कि पी8आई विमान भी कल से उपलब्ध होगा जबकि एक असैन्य विमान को भी मौके पर भेजा जाएगा। भारतीय नौसेना ने इससे पहले कहा था कि अधिकारी को बचाने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। गोल्डन ग्लोब रेस में नाव के माध्यम से 30,000 मील की एकल विश्व यात्रा की जाती है। इसमें वही नौकाएं इस्तेमाल की जाती हैं जो 50 साल पहले इस रेस में इस्तेमाल हुई थीं। इसमें कोई भी नई तकनीक इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होती, सिवाय संचार के उपकरणों के। अभिलाष का नौकायन पोत भी पहली गोल्डन ग्लोब रेस के विजेता रॉबिन नॉक्स जॉन्स्टन के पोत सुहेली की नकल है।