लखनऊ। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी पर उसके सहयोगी दल लगातार दबाव बनाने में जुटे हैं। यूपी में उसकी सहयोगी पार्टी अपना दल तो शुक्रवार एक कदम और आगे बढ़ गई और उसने पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी पर अपनी दावेदारी पेश की है। इसके अलावा अपना दल को 9 लोकसभा सीटें और चाहिए। 2014 में अपना दल दो सीटों- मिजार्पुर और प्रतापगढ़ पर चुनाव लड़ा था और जीत दर्ज की थी। अपना दल की यह दावेदारी ऐसे समय आई है, जब शनिवार को पीएम मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी और पड़ोसी जिले गाजीपुर के दौरे पर हैं।
Now the party has increased the tension of the BJP, the claim of presenting the PM’s parliamentary constituency on Varanasi
अपना दल (एस) चीफ आशीष सिंह पटेल ने कहा कि पार्टी ने 2014 के बाद से काफी तरक्की की है और हम इस बार ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा, ‘हमने पहले ही 10 लोकसभा सीटों पर चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है, इनमें वाराणसी भी शामिल है।’
बता दें कि 2014 में अपना दल ने बीजेपी के साथ गठबंधन किया था और दो सीटों- मिजार्पुर और प्रतापगढ़ पर चुनाव लड़ा था। मिजार्पुर से अनुप्रिया पटेल जीती थीं और प्रतापगढ़ से कुंवर हरिवंश सिंह संसद पहुंचे थे। इस बार अपना दल बनारस समेत फूलपुर और डुमरियागंज पर भी अपनी दावेदारी पेश कर रही है। फूलपुर से 2014 में बीजेपी से केशव प्रसाद मौर्य सांसद बने थे, हालांकि प्रदेश में बीजेपी सरकार बनने के बाद उन्होंने संसदीय सीट छोड़ दी थी। बाद में उपचुनाव में यह सीट समाजवादी पार्टी के खाते में चली गई थी।
7 जनवरी को अपना दल ने बुलाई राज्य स्तरीय मीटिंग
बीजेपी ने जहां आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर राजधानी दिल्ली में 11-12 जनवरी को एक राष्ट्रीय अधिवेशन बुलाया है, वहीं इस अधिवेशन से पहले ही अपना दल ने 7 जनवरी को एक राज्य स्तरीय पार्टी मीटिंग बुलाई है, जहां गठबंधन के मुद्दे पर कोई निर्णय लिया जाएगा। आशीष पटेल ने कहा, ‘फिलहाल हमने फैसला लिया है कि हम एनडीए सरकार के किसी भी कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेंगे। पहले सारी चीजें सुलझ जाएं। यह एक तरह से ‘देखो और इंतजार करो’ का समय है।’
अपना दल की 10 सीटों पर दावेदारी से पहले ही बीजेपी के एक अन्य सहयोगी दल सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) चीफ ओम प्रकाश राजभर ने भी सभी 80 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।

