नई दिल्ली
संसद के बजट सत्र में सोमवार को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और एनआरसी के मुद्दे पर हंगामा शुरू हो गया। कांग्रेस, तृणमूल, माकपा और राजद समेत विपक्षी दलों ने मोदी सरकार को घेरने के लिए लोकसभा में ‘गोली मारना बंद करो, देश को तोड़ना बंद करो’ के नारे लगाए। इसके साथ ही सांसदों ने इस सीएए-एनआरसी पर प्रधानमंत्री मोदी से जवाब देने की मांग की। विपक्ष ने राज्यसभा में इन मुद्दाें पर तत्काल चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है।
ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण में सीएए, एनआरसी और कश्मीर में प्रतिबंधों को शामिल नहीं करने पर सवाल उठाए हैं। पार्टी इसमें संशोधन की मांग कर रही है। तृणमूल सांसदों ने शुक्रवार को संसद (लोकसभा और राज्यसभा) के संयुक्त अधिवेशन में राष्ट्रपति के संबोधन के दौरान भी प्रदर्शन किया था। इसके अलावा भाजपा सांसद विकास महात्मे ने राज्यसभा में कोरोनावायरस के बढ़ते खतरे पर चर्चा की मांग की है।
विपक्ष सीएए-एनआरसी के विरोध में
विपक्ष ने संसद द्वारा पारित नागरिकता कानून को असंवैधानिक करार दिया है और इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इस पर इसी महीने सुनवाई होने वाली है। विपक्षी पार्टियों ने उन मुख्यमंत्रियों से एनपीआर लागू नहीं करने का आग्रह किया है, जो नागरिकता कानून का विरोध कर रहे हैं।
बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू
इस दशक का पहला बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू हुआ। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को बजट पेश किया। सोमवार से लोकसभा और राज्यसभा राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तैयार हैं।