पीएम मोदी के खाना बनाने वाले को भी पंसद नहीं पकौड़े वाला बयान

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वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब वाराणसी के दौरे पर आएंगे तो यहां की डीजल लोकोमोटिव वर्कशॉप गेस्टहाउस में ठहरेंगे। साल 2014 से लेकर अब तक जितनी बार भी वह अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के रेलवे गेस्टहाउस में रुके हैं, उनके लिए राजीव बटवाल ने खाना बनाया है। यूं तो 30 साल के बटवाल पीएम के लिए केवल चाय, दाल और चपाती बनाते हैं, उन्हें इस बात का बेहद गर्व है कि पीएम ने उनके हाथ की बनी नेनुआ की सब्जी खाने की गुजारिश 3 बार की है।
PM Modi’s cook who does not like
बटवाल बताते हैं कि पीएम ने कभी वहां काम करने वाले लोगों को गैरजरूरी महसूस नहीं होने दिया। पीएम एनर्जी से भरे रहते हैं और बहुत कम सोते हैं। बटवाल पीएम के योग और वॉक पर जाने को लेकर बने अनुशासन से बहुत प्रभावित हैं। हालांकि, पीएम की एक बात उन्हें पसंद नहीं आई। बता दें कि पीएम ने इस साल की शुरूआत में कहा था कि पकौड़ा बेचना भी एक तरह का रोजगार है। पीएम के इस बयान पर काफी विवाद हुआ था।

‘एमबीए-इंजिनियर नहीं बेच सकते पकौड़े’
बटवाल कहते हैं, ‘उनसे बहुत प्रेरणा मिलती है लेकिन पकौड़ों पर दिया उनका बयान मुझे अच्छा नहीं लगा। जो लोग एमबीए या इंजिनियरिंग पूरी कर चुके हैं वे पकौड़े बेचने के बारे में नहीं सोच सकते। इससे ऐसे युवाओं की मेहनत कमतर हो जाती है जो पढ़ते हैं या कड़ी मेहनत करते हैं और उनके सपने टूट जाते हैं।’

‘…पूरे नहीं हुए वादे’
बटवाल ने कहा, ‘चाहे प्रबंधन, इंजिनियरिंग या खेल हो, नौकरी कमी एक बड़ी मुद्दा है और जैसे हम चाहते थे, वैसे वादे पूरे नहीं किए गए हैं।’ उन्होंने अपने हाथ पर एक टैटू बनवा रखा है-‘माई बेस्ट फ्रेंड आशू’। आशू यानी आशीष एक क्रिकेटर है और बटवाल उम्मीद करते हैं कि किसी दिन आशू देश के लिए खेलें और उनके जैसे खेल-प्रेमियों को फ्री कोचिंग और पक्की नौकरियां मिलें।