नई दिल्ली। लगभग ढाई साल पहले उरी के बाद कश्मीर में हुए सबसे बड़े आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया है। हमले के तत्काल बाद सक्रिय हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से बात कर हालात की समीक्षा की। साथ ही सुरक्षा बलों को भरोसा दिया कि बहादुर जवानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी। प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद उरी हमले के बाद हुई सर्जिकल स्ट्राइक जैसी कार्रवाई की अटकलें तेज हो गई हैं। हमले के समय लखनऊ से वापस लौट रहे राजनाथ सिंह ने दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरते ही सीआरपीएफ के महानिदेशक से बात की।
PM talks with Home Minister and Ajit Doval, review of the situation, speculation speeds faster
उन्होंने खुफिया ब्यूरो के प्रमुख और अजीत डोभाल से अलग से बात की। शुक्रवार को राजनाथ सिंह श्रीनगर जाकर मौके का मुआयना करेंगे और हालात की समीक्षा करेंगे। राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को अपना पटना दौरा भी रद्द कर दिया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गृह मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों को छुट्टी और सरकारीदौरे को रद्द कर जल्द- से-जल्द दिल्ली पहुंचने को कहा गया है।
गृह सचिव राजीव गौबा गुरुवार को ही सालाना सचिव स्तरीय वार्ता के लिए भूटान की राजधानी थिंपू पहुंचे थे। लेकिन उन्हें भी तत्काल लौटने को कहा गया है। माना जा रहा है कि शुक्रवार की सुबह तक गृह सचिव वापस दिल्ली पहुंच जाएंगे। प्रधानमंत्री के सख्त बयान के बाद पाक समर्थित आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अटकलें तेज हो गई हैं। ध्यान देने की बात है कि सितंबर 2016 में उरी में 18 सैनिकों की मौत पर सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक कर पीओके में आतंकी ट्रेनिंग कैंपों और लांच पैड को नष्ट कर दिया था और बहुत सारे आतंकियों और उनके आकाओं को मार गिराया था।
पूरा देश शहीद जवानों के परिवारों के साथ : मोदी प्रधानमंत्री ने कायरतापूर्ण हमले की निंदा करते हुए कहा- ‘पूरा देश आतंकी हमले में शहीद हुए बहादुर जवानों के परिवार के साथ कंधे-से-कंधा मिलाकर खड़ा है। उनकी शहादत को बेकार नहीं होने दिया जाएगा।’

