वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को उत्तर प्रदेश के वाराणसी पहुंच रहे हैं। वह यहां पर करोड़ों रुपये की योजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इन्हीं योजनाओं में प्रस्तावित संत रविदास का स्मारक भी शामिल है। संत रविदास की जन्मस्थली में बनाया जाने वाला यह वह स्मारक है, जिसे बनाने का सपना बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की मुखिया मायावती ने देखा था, लेकिन इसे अब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सरकार पूरा करने जा रही है।
PM will make plans for crores of rupees in Varanasi, will celebrate the dream of Mayawati, Silanaa
पीएम मोदी, मायावती के उस सपने को पूरा कर रहे हैं, जो कभी उनके मौजूदा गठबंधन सहयोगी समाजवादी पार्टी (एसपी) और बीएसपी की सरकार में देखा गया था। साल 1997 में एसपी कार्यकर्ताओं के हिंसक विरोध के बाद वह मुख्यमंत्री तो बन गईं, लेकिन रविदास स्मारक बनाने में विफल रहीं। पीएम मोदी मंगलवार को संत रविदास की जयंती पर रविदास मंदिर जाएंगे और रविदास जन्मस्थली (जन्मस्थान) क्षेत्र विकास परियोजना का शिलान्यास करेंगे। इस परियोजना के तहत रविदास मंदिर में एक पार्क, एक लंगर हॉल और द्रष्टा की प्रतिमा शामिल होगी।
वाराणसी के डीएम सुरेंद्र सिंह ने कहा, ‘पर्यटन विभाग ने संत रविदास जनमस्थली विकास योजना की एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की गई है। यह परियोजना 46 करोड़ रुपये की है। पार्क के लिए भूमि अधिग्रहण की लागत को बजट में शामिल किया गया है।’
लंगल हॉल में प्रसाद ग्रहण करेंगे पीएम
पीएम दो साल बाद दूसरी बार माघी पूर्णिमा के दिन 642 वें प्रकाशोत्सव में संत रविदास की जन्मभूमि बेगमपुरा आ रहे हैं। मंदिर में रहने के दौरान प्रधानमंत्री स्वर्ण पालकी के दर्शन करेंगे तो मंदिर के तहखाने में बुलेट प्रूफ शीशे में रखी उस कठौती को देखेंगे, जिसमे भरे पानी को रविदास ने गंगाजल मान ‘मन का मैल’ साफ करने का संदेश दिया था। इसके अलावा लंगर हॉल में प्रसाद ग्रहण करेंगे।
पहुंचे दो हजार रैदासी
जालंधर से चली स्पेशल बेगमपुरा एक्सप्रेस ट्रेन रविवार दोपहर बाद वाराणसी कैंट स्टेशन पहुंची। इस ट्रेन से डेरा सच्चा बल्लखंड के गद्दीनशीन और गुरु रविदास जन्म स्थान पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन संत निरंजन दास के साथ दो हजार से ज्यादा रैदासी वाराणसी पहुंच चुके हैं। संत निरंजन दास की सुरक्षा के लिए बुलेट प्रूफ वाहन और पंजाब से स्पेशल सुरक्षा टीम आई है। श्रद्धालुओं के जत्थों ने सीधे सीर गोवर्धनपुर पहुंच दर्शन पूजन किया। रात के समय रविदास पार्क में आतिशबाजी के बीच गुरु रविदास जन्मोत्सव प्रारंभ हुआ। माघ पूर्णिमा पर मंगलवार सुबह रविदासिया ध्वज लहराकर मुख्य उत्सव शुरू होगा।

