चित्रकूट। वनवास के दौरान लंबे समय तक भगवान राम की विश्रामस्थली रही चित्रकूट में इस महीने यूपी का पहला रोप-वे शुरू करने की तैयारी है। इसके बाद मुख्य परिक्रमा मार्ग से लक्ष्मण पहाड़ी तक का सफर हवा से बातें करते हुए तय हो सकेगा। पर्यटन विभाग ने इसकी टेस्टिंग शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कार्यक्रम मिलते ही इसका लोकार्पण कर दिया जाएगा।
Preparing to start the first rope in Lord Rama’s resting chitrakoot
पर्यटन विभाग की निगरानी में यह रोप-वे पीपीपी मोड में बनाया गया है। चित्रकूट के पर्यटन अधिकारी शक्ति सिंह ने बताया कि अभी लक्ष्मण पहाड़ी पर जाने में पर्यटकों को करीब आधा घंटा लगता है। इसके लिए 400 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं, जिसमें बुजुर्गों को काफी कठिनाई होती है। रोप-वे ये यह सफर आसानी से तय किया जा सकेगा।
विकसित किए जाएंगे व्यू पॉइंट
ऐसी मान्यता है कि सीता और लक्ष्मण के साथ भगवान राम 11 साल तक चित्रकूट में रहे थे। यहां लक्ष्मण जिस जगह पर निवास करते थे, उसे लक्ष्मण पहाड़ी कहा जाता है। पौराणिक दृष्टि से इसका महत्व है, लेकिन करीब 5.5 किमी की परिक्रमा के बाद श्रद्धालु थक जाते हैं और कम संख्या में ही लोग वहां जा पाते हैं। रोप-वे बनने के बाद यहां आने वालों की संख्या बढ़ेगी। इसके लिए पहाड़ी पर बुनियादी सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। पर्यटन विभाग वहां शेड, बैठने की व्यवस्था, पेयजल के साथ ही कुछ व्यू पॉइंट भी विकसित कर रहा है। इससे प्रकृति के मनोरम नजारे का भी आनंद लिया जा सकेगा।
40 रुपये होगा एक तरफ का किराया!
फिलहाल रोप-वे पर एक बार में 6 ट्रॉम चलाए जाएंगे। हर ट्रॉम की क्षमता 6 लोगों को ले जाने की है। 3 ट्रॉम जाने और 3 ट्रॉम आने के लिए उपयोग में लाए जाएंगे। ऐसे में एक बार में 36 लोग यात्रा कर सकेंगे। एक तरफ का किराया 40 रुपये और दोनों तरफ का किराया 75 रुपये प्रस्तावित किया जा सकता है।

