कर्नाटक में टीपू सुल्तान जयंती समारोह के खिलाफ सूबे में भारी विरोध, सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी

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बेंगलुरु। कर्नाटक में विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के भारी विरोध प्रदर्शन के बीच सत्तारूढ़ जेडीएस-कांग्रेस सरकार शनिवार को टीपू जयंती मना रही है। उधर, जयंती समारोहों के खिलाफ सूबे में भारी विरोध शुरू हो गया है। प्रदर्शनकारी सड़क पर उतर आए हैं। पुलिस ने बीजेपी के कई नेताओं को हिरासत में लिया है। उधर, भारी विरोध और प्रदर्शन के बीच आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रदर्शन को देखते हुए सड़कों पर गाड़ियां नहीं चल रही हैं। लोग जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकल रहे हैं, ऐसे में कई जगहों पर सड़कों पर सन्नाटा भी पसरा है। कोडागू और विराजपत सहित कई इलाके प्रभावित हैं।
Protests against the Tipu Sultan jubilee celebrations in Karnataka, protesting in the streets
कर्नाटक के मडिकेरी में टीपू जयंती समारोह का विरोध कर रहे कई लोगों को पुलिस ने आज सुबह हिरासत में ले लिया। बीजेपी कार्यकतार्ओं ने टीपू जयंती के विरोध में डेप्युटी कमिश्नर के आॅफिस में नारेबाजी भी की। मांड्या में बीजेपी कार्यकतार्ओं ने टीपू जयंती के विरोध में काला दिवस मनाया है। इस बीच कर्नाटक के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री बीजे जमीर अहमद खान ने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से मुलाकात की है। कोडागू पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे बीजेपी एमएलए और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष केजी बोपैया को हिरासत में ले लिया। कोडागू में बीजेपी के प्रदर्शन के कारण आम जनजीवन ठप हो गया है।

उधर, राज्य के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए कार्यक्रम से किनारा कर लिया है। माना जा रहा है कि विवाद से बचने के लिए सीएम ने जानबूझकर इस कार्यक्रम से खुद को अलग कर लिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी सूचना के मुताबिक कुमारस्वामी की तबीयत खराब है और डॉक्टरों ने उन्हें तीन दिनों तक आराम करने की सलाह दी है। उधर, राज्य के कैबिनेट मंत्री बी. काशेमपुर ने कहा है कि सीएम कुमारस्वामी ने कार्यक्रम के लिए विभाग को पूरी अथॉरिटी दी हुई है। उन्होंने कहा, ‘मैं बीदर में टीपू जयंती कार्यक्रम में रहूंगा, जबकि जेडीएस मंत्री वेंकटराव नाडागौड़ा बेंगलुरु में सीएम की जगह पर कार्यक्रम करेंगे।’

बीजेपी ने टीपू सुल्तान को ‘अत्याचारी’ बताते हुए कांग्रेस से उनकी तुलना की है। बीजेपी ने ट्वीट कर कहा, ‘ कांग्रेस पार्टी और टीपू दोनों ही हिंदू विरोधी हैं। दोनों ही हिंदुओं की हत्या के लिए दोषी हैं। दोनों ही अल्पसंख्यकों के तुष्टीकरण में विश्वास रखते हैं। दोनों ही हिंदुओं को बांटना चाहते हैं। इसलिए कोई आश्चर्य नहीं है कि कांग्रेस अत्याचारी टीपू की पूजा कर रही है।’ कर्नाटक बीजेपी ने कहा कि जहां कांग्रेस और जेडीएस सरकार अत्याचारी टीपू सुल्तान की जयंती मना रहे हैं वहीं सीएम कुमारस्वामी छिप गए हैं। एक उन्?मादी का जन्मदिन मनाने की क्या आवश्यकता है जब सीएम ने खुद ही आयोजन से किनारा कर लिया है। वोटबैंक के लिए एक हत्?यारे को महिमा मंडित करना इस सरकार की मानसिकता को दशार्ता है।

आपको बता दें कि कर्नाटक सरकार ने घोषणा की है कि वह बीजेपी के विरोध के बावजूद इस वर्ष भी 18वीं सदी के मैसूर के शासक टीपू सुल्तान की जयंती अपने तय कार्यक्रम के मुताबिक ही मनाएगी। उधर, बीजेपी और श्री राम सेना के समर्थक इस कार्यक्रम का भारी विरोध कर रहे हैं। बीजेपी ने मैसूर के शासक को अत्याचारी करार दिया है। केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े ने कहा है कि एक अत्याचारी के जन्मदिन को मनाए जाने की कोई जरूरत नहीं है।