पुलवामा आतंकी हमला: देश में शोक की लहर, भारत के मित्र देशों ने की कड़ी निंदा, पाक ने भी बहाए घड़ियालू आंसू

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नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में गुरुवार को सीआरपीएफ जवानों का काफिला जम्मू से श्रीनगर की तरफ जा रहा था। इसी दौरान आतंकी हमले में 37 जवान शहीद हो गए। इस घटना के बाद पूरे देश में शोक की लहर दौड़ पड़ी। यही नहीं, हमले के बाद जम्मू में इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं। घटना को लेकर जहां पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान अपनी सफाई देने में जुटा है, वहीं भारत के मित्र देश हमले की कड़ी निंदा कर रहे हैं। बता दें कि हमले के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता की ओर से एक प्रेस रिलीज जारी की गई है। इस प्रेस रिलीज में पाकिस्तान ने कहा है कि हम विश्व में कहीं पर भी होने वाली हिंसा की निंदा करते हैं।
Pulwama terror attack: The wave of mourning in the country, the condemnation of friendly friends of India, Pakistan also shedding tears
पाकिस्तान ने इस हमले को लेकर सफाई देते हुए लिखा है, ‘भारत अधिकृत कश्मीर के पुलवामा में हुआ हमला चिंता का विषय है। विश्व में कहीं पर भी होने वाली हिंसा की गतिविधियों की हम कड़ी निंदा करते हैं। इसके साथ ही बिना जांच के भारतीय मीडिया और सरकार द्वारा हमले का लिंक पाकिस्तान से जोड़े के तमाम आक्षेपों को सिरे से खारिज करते हैं।’ इस भयावह हमले के बाद भारत ने यूएन से जैश-ए-मोहम्मद और पाकिस्तान में आजाद घूम रहे मसूद अजहर को प्रतिबंधित करने की मांग की है। भारत के विदेश मंत्रालय द्वारा एक बयान में कहा गया है कि संयुक्त राष्ट्र के सदस्य सभी देशों को अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने के साथ ही उस पर नकेल कसने के प्रस्ताव का समर्थन करना चाहिए।

यूएन ने कहा- कठघरे में लाए जाएंगे घटना के जिम्मेदार
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले की संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने कड़ी निंदा की है। साथ ही संयुक्त राष्ट्र ने शोक संतृप्त परिवारों के लिए संवेदना जताई है। संयुक्त राष्ट्र की ओर से कहा गया, ‘हम जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए हमले की कड़ी निंदा करते हैं। जिन परिवारों ने अपनों को खोया है हमारी उनके प्रति गहरी संवेदना है। हम सभी घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं और हमले के जिम्मेदार सभी लोगों को जल्द से जल्द कठघरे में लाया जाएगा।’

अमेरिका ने कहा- हम भारत के साथ
भारत में अमेरिका के राजदूत केनेथ जस्टर ने ट्वीट कर कहा, भारत में अमेरिकी दूतावास जम्मू-कश्मीर में गुरुवार के आतंकी हमले की कड़ी निंदा करता है। पीड़ितों के परिवारों के प्रति हम शोक संवेदना व्यक्त करते हैं। यही नहीं, रूस ने आतंकी हमले की निंदा की। भारत में फ्रांस के राजदूत अलेक्जेंड्रे जिगलर ने कहा, ‘फ्रांस जम्मू-कश्मीर में हुए जघन्य हमले की कड़ी निंदा करता है।’ जर्मनी ने जघन्य आतंकी हमले की निंदा की और कहा वह अपने रणनीतिक सहयोगी भारत के साथ खड़ा है। आस्ट्रेलिया ने भी इस घटना को लेकर नाराजगी जाहिर की है। अमेरिका के शीर्ष सांसदों ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में आतंकवादी हमले की निंदा करते हुए कहा, ‘अमेरिका आतंक का सामना करने और उसे हराने के लिए भारत के साथ खड़ा है।’

इजरायल ने कहा- हम भारतीय दोस्तों के साथ
जहां एक ओर पाकिस्तान इस मामले में अभी से सफाई देने में जुट गया है, वहीं भारत के मित्र राष्ट्र इजरायल के राजदूत डॉ. रॉन माल्का ने ट्वीट किया, ‘इजरायल पुलवामा में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा करता है और इस मुश्किल वक्त में अपने भारतीय दोस्तों के साथ खड़ा है। हम सीआरपीएफ और शहीद जवानों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।’ पुलवामा अटैक की बांग्लादेश ने भी कड़ी निंदा की है। बांग्लादेश सरकार ने लिखा है, ‘इस दुख की घड़ी में हम भारत सरकार और लोगों के साथ खड़े हैं। जिन्होंने इस घटना में अपने चहेतों को खो दिया है, हम उनके लिए शोक व्यक्त करते हैं। हमारी प्रार्थना उन लोगों के जल्द स्वस्थ होने के लिए भी है, जो इस हमले में घायल हुए हैं।’

श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति ने की अटैक की निंदा
श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने पुलवामा हमले को लेकर कहा, ‘मैं जम्मू-कश्मीर में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा करता हूं। इसमें कई जवान शहीद हुए हैं। मैं शहीदों के परिवारवालों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। विश्व को आतंकवाद के खिलाफ लड़ते रहना चाहिए।’ इतना ही नहीं, नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने पुलवामा अटैक के मामले को लेकर भारत के पीएम नरेंद्र मोदी से बातचीत की। इसके साथ ही उन्होंने पुलवामा हमले में शहीद जवानों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की।’