श्रीनगर। क्या पुलवामा हमले के बाद भारत एक बार फिर सर्जिकल स्ट्राइक करेगा? क्या इस हमले के बाद भारत पड़ोसी पाकिस्तान को फिर करारा जवाब देगा? पीएम नरेंद्र मोदी के ट्वीट और केंद्र सरकार के मंत्रियों के कड़े बयानों से इस तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। उरी में सेना के कैंप पर किए गए आतंकी हमले के बाद भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए पाकिस्तान की सीमा में घुसकर कई आतंकी शिविरों को तहस-नहस कर दिया था और कई आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया था। तो फिर क्या माना जाए कि पीएम के सख्त ट्वीट और कुछ बड़े केंद्रीय मंत्रियों के बयानों के बाद सर्जिकल स्ट्राइक 2.0 होने वाला है?
Pulwama terrorist attack: country in gum and anger, Modi’s statement in the statement of Surgical Strike 2.0?
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार को सीआरपीएफ के काफिले पर किए गए घातक आत्मघाती हमले में 37 जवानों की शहादत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हमले के बाद पीएम मोदी ने ट्वीट कर जवानों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि जवानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी। तो क्या भारत इस हमले में शामिल आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के खिलाफ कार्रवाई करने के अलावा भी कुछ सोच रहा है?
हालांकि पुलवामा हमले के तुरंत बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर हमला भी बोल दिया। कुछ लोगों को यह भी लग रहा है कि क्या मोदी सरकार उरी हमले के बाद किए गए सर्जिकल स्ट्राइक जैसा ही कोई कदम उठाएगी? गौरतलब है कि जैश सरगना अजहर को कंधार में इंडियन एयरलाइंस के प्लेन हाइजैक के बाद यात्रियों के बदले छोड़ा गया था। सीआरपीएफ काफिले पर किए गए हमले से पहले आत्मघाती हमलावर ने एक विडियो कहता दिख रहा है कि वह जन्नत में स्थान बनाने जा रहा है। उनसे विडियो में युवाओं से आंतक और जैश में शामिल होने की बात भी कही थी।
पाकिस्तान समर्थित आतंकियों पर लगाम लगाने में सफलता पाने के बावजूद सुरक्षा एजेंसियां श्रीनगर-जम्मू हाइवे को सुरक्षित करने के लिए अभी भी संघर्ष कर रही है। 2017 में किए गए हमले के बाद हाइवे पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए, अतिरिक्त बलों को तैनात किया गया और सुरक्षाबलों के काफिले में सिविलियन गाड़ियों की एंट्री पर रोक लगाई गई। लेकिन पुलवामा हमले ने अहम हाइवे की सुरक्षा की पोल खोल दी है।
इसके अलावा सुरक्षाबलों के सामने एक आत्मघाती हमलावर के रूप में एक नई चुनौती भी सामने आ गई है। उल्लेखनीय है कि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कुछ दिन पहले ही कहा था कि साल 2014 के बाद देश पर कोई बड़ा आतंकी हमला नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि आतंकियों को शांति भंग करने का कोई मौका न मिले। रक्षा मंत्री के इस बयान के बाद कांग्रेस ने सीतारमण को आड़े हाथों लिया था और उन्हें पठानकोट और उरी आतंकी हमले की याद दिलाई थी। रक्षा मंत्री के इस बयान के कुछ दिन बाद ही पुलवामा हमला हुआ है।

