नई दिल्ली
लोकसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे चुके राहुल गांधी इस महीने अलग-अलग अदालतों में सुनवाई के लिए पेश होते दिखाई देंगे। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने भाजपा और आरएसएस के खिलाफ जो बयान दिए थे उन्हीं का बचाव करने के लिए उनकी एक के बाद एक अदालत में पेशी होनी है। गौरी लंकेश हत्याकांड को संघ और भाजपा की विचारधारा से जोड़ने के मामले में राहुल गांधी को राहत मिली है। मुंबई की कोर्ट ने राहुल गांधी को इस मामले में जमानत दे दी है। खबरों के अनुसार कोर्ट में उन्होंने खुद को निर्दोष करार दिया जिसके बाद उन्हें 15,000 मुचलके पर रिहा कर दिया है।
संघ मानहानि मामले में कोर्ट में पेश हुए राहुल गांधी
राहुल गांधी मानहानि केस की सुनवाई के लिए महाराष्ट्र के शिवड़ी (मझगांव) कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने कन्नड़ पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की विचारधारा को जिम्मेदार ठहराया था। इसके बाद मुंबई के संघ कार्यकर्ता ध्रुतीमान जोशी ने फरवरी में राहुल के खिलाफ निचली अदालत में मानहानि का मुकदमा दायर किया था।
पेशे से वकील जोशी ने 2017 में ही राहुल गांधी, तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, माकपा और उसके महासचिव सीताराम येचुरी के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई थी। जोशी ने आरोप लगाया था कि लंकेश की हत्या के 24 घंटे के अंदर राहुल गांधी ने मीडिया से इस घंटना के पीछे भाजपा और आरएसएस की विचारधारा से जुड़े लोगों का हाथ होने का आरोप लगाया था। शिकायत में येचुरी पर भी इसी तरह का बयान देने का आरोप लगाया गया था।
मझगांव की एक अदालत ने इस साल फरवरी में जोशी की शिकायत पर राहुल गांधी और माकपा नेता सीताराम येचुरी को समन जारी किया था। हालांकि अदालत ने सोनिया गांधी और माकपा को इस मामले में पक्ष मानने से इनकार कर दिया था। अदालत ने कहा था कि किसी की व्यक्तिगत टिप्पणी के लिए पार्टी जिम्मेदार नहीं हो सकती।

