TIO भोपाल
राज्य में कोरोना संक्रमण की रफ्तार में ब्रेक लगता नहीं दिख रहा है। प्रदेश में 24 घंटे के अंदर 197 नए मरीज मिले हैं। वहीं 8 लोगों की संक्रमण से मौत की पुष्टि हुई है। प्रदेश राजधानी में सबसे ज्यादा केस निकल रहे हैं, यहां शुक्रवार को 50 नए केस मिले। राजभवन हॉटस्पॉट बना हुआ है, 5 और लोग संक्रमित हुए हैं। यहां पर अब तक 37 लोग संक्रमण का शिकार हो चुके हैं, जिसमें ज्यादातर सुरक्षा कर्मचारी हैं। संक्रमितों में दूसरे नंबर पर ग्वालियर-चंबल संभाग है। जहां पर 57 मामले सामने आए। अंचल में अब तक 900 कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। मुरैना में पांच दिन में 99 मामले सामने आए हैं।
राज्य में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 12670 हो गई है। वहीं, महामारी से मरने वालों का आंकड़ा 542 पहुंच चुका है। मुरैना में लगातार बढ़ते केस को देखते हुए चंबल नदी पर एक बार फिर सीमा को सील कर दिया गया है। शहर में ई-रिक्शा के संचालन पर भी रोक लगा दी गई है। आगरा और धौलपुर से आने वाले लोगों को अब पास बनवाना पड़ेगा। साथ ही बॉर्डर पर आने-जाने वालों के टेस्ट भी किए जा रहे हैं।
मध्य प्रदेश का रिकवरी रेट 76% से अधिक, देश में दूसरा
गुरुवार को हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद जानकारी दी गई कि इंदौर और भोपाल जिलों को छोड़कर प्रदेश के अन्य जिलों में औसतन जनरल बेड 9% और आईसीयू बेड 6% ही उपयोग में लाए जा रहे हैं। कुल 76.4 प्रतिशत रिकवरी रेट के साथ मध्यप्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है। भारत के बड़े प्रांतों में एक्टिव केस संख्या की दृष्टि से राज्य की स्थिति काफी ठीक हुई है। इस समय मध्यप्रदेश 2441 एक्टिव केस के साथ 13वें नंबर पर है।
दावा- कोरोना का डबलिंग रेट अन्य राज्यों से ज्यादा
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान दावा कर रहे हैं कि मध्य प्रदेश का पॉजिविटी रेट देश के पॉजिविटी रेट 6.26 से काफी कम 3.92 प्रतिशत है। वहीं डबलिंग रेट 47.7 दिन है, जो अन्य बड़े राज्यों में ज्यादा है। इसका अर्थ है कि प्रदेश में संक्रमण की रफ्तार को कम करने में ज्यादा सफलता मिली है। बताया गया कि प्रदेश में 47 जिलों में कम से कम एक एक्टिव केस और 23 जिलों में 10 से कम एक्टिव केस हैं। पांच जिलों में एक भी एक्टिव केस नहीं है। प्रदेश में अभी 1119 कंटेनमेंट क्षेत्र हैं। इनमें 7.63 लाख आबादी निवास करती है।