नहीं थम रहा एनडीए में रार, अब पासवान ने दिखाए भाजपा को तीखे तेवर

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नई दिल्ली। बिहार में एनडीए गठबंधन टूटने की खबरों के बीच 2014 में एनडीए की सहयोगी रही लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) ने भी तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। रामविलास पासवान ऐसे संकेत दे रहे हैं कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए में रहने की जगह पर उनके लिए विपक्ष के साथ जाने पर अधिक मौके होंगे। विपक्षी खेमे को आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव लीड कर सकते हैं।
RAW in NDA, Naveen Patnaam now shows sharp turn of the BJP
पिछले कुछ वक्त से एलजेपी प्रमुख और केंद्र सरकार में मंत्री रामविलास पासवान और उनका पूरा कुनबा एनडीए से खुलकर अपनी नाराजगी दिखा रहा है। पासवान के सांसद बेटे चिराग पासवान और विधायक भाई भी एनडीए में सम्मान और न्याय नहीं मिलने की बात दोहरा रहे हैं। राजनीतिक पंडित यह भी मान रहे हैं कि बीजेपी को दबाव में लाने और बिहार में सीट शेयरिंग में भागीदारी बढ़ाने के लिए पासवान यह दबाव बना रहे हैं।

कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का यह भी कहना है कि बीजेपी के साथ मुख्य रूप से दलितों का चेहरा मानी जानेवाली पार्टियां अलग होने की कोशिश कर रही हैं। पासवान की भी यह सारी कवायद उसी लिहाज से हैं। मध्य प्रदेश, छत्तीलगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से पासवान बीजेपी के खिलाफ सख्ती बरत रहे हैं।

एनडीए में टूट की खबरों के बीच महत्वपूर्ण घटनाक्रम है कि गुरुवार को तेजस्वी यादव, कांग्रेस बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल और हम लीडर जीतनराम मांझी महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहे हैं। आरएलएसपी लीडर उपेंद्र कुशवाहा हाल ही में एनडीए से अलग हुए हैं और मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। माना जा रहा है कि इस बैठक में कुशवाहा भी हिस्सा ले सकते हैं।

कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि इस वक्त बैक डोर से रामविलास पासवान से कोई बातचीत नहीं हो रही है। हालांकि कांग्रेस सूत्र ने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स आॅफ इंडिया से कहा कि देश हित में फैसला रामविलास पासवान को ही लेना है। कांग्रेस पार्टी इस वक्त पासवान के लिए उस तरह से सख्त नहीं हो सकती जैसे नीतीश कुमार के लिए है।