बिहार में आरएलएसपी की भाजपा को नसीहत, लोस चुनाव से पहले जेडीयू से करें किनारा

0
364

पटना। साल 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के लिए बिहार के अपने सहयोगियों को संभालना मुश्किल हो रहा है। अब तक इशारों में बात कर रही केंद्र की सत्ता में साझीदार राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (आरएलएसपी) ने खुले तौर पर बीजेपी को नसीहत दी है कि उसे अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले नीतीश कुमार की पार्टी (जेडीयू) से किनारा कर लेना चाहिए।
RLSP’s BJP in Bihar, Bihar, before election
‘जेडीयू का सामाजिक आधार कम’
आरएलएसपी के बिहार अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री नागमणि ने शनिवार को कहा कि जेडीयू का सामाजिक आधार केवल डेढ़ प्रतिशत, जबकि उनकी पार्टी का 10 फीसदी है। बीजेपी को जदयू से छुटकारा पा लेना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी पर एनडीए से बाहर निकलने का दबाव है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यदि उनकी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल, कांग्रेस और हिंदुस्तान आवाम मोर्चा के महागठबंधन का हिस्सा बन जाती है तो यह बीजेपी के लिए बहुत बड़ा घाटा होगा।

नागमणि ने यह बयान तब दिया है, जब बीजेपी और जदयू में बिहार में लोकसभा सीटों के बंटवारे पर बातचीत अंतिम चरण में है। दूसरी ओर जदयू ने इस मामले में टिप्पणी से इनकार कर दिया। साथ ही आरएलएसपी ने ने सीटों के बंटवारे पर भ्रम पैदा करने के लिए जेडीयू को ही जिम्मेदार ठहराया।

‘नीतीश के एनडीए में लौटने से भ्रम’
आरएलएसपी के राष्ट्रीय महासचिव और प्रवक्ता माधव आनंद ने कहा, ह्यनीतीश कुमार जब पिछले वर्ष एनडीए में लौटे तब से भ्रम पैदा हुआ। जेडीयू गठबंधन में खुद को बड़ा भाई होने और मुख्यमंत्री (नीतीश कुमार) के लोकसभा चुनावों में गठबंधन का चेहरा होने का दावा करती है। पटना में जुलाई में अमित शाह से मुलाकात के तुरंत बाद नीतीश कुमार ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि चार से पांच हफ्ते में सीट बंटवारे की व्यवस्था हो जाएगी।

उन्हें हमें बताना चाहिए कि उनके दावे का क्या हुआ, जब दो महीने से अधिक समय व्यतीत हो गए हैं।
इधर, जेडीयू के सूत्रों के हवाले से कहा गया कि सीट बंटवारे की वार्ता अंतिम चरण में है और तात्कालिक फॉम्युर्ले के तहत उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी (आरएलएसपी) को बिहार में 40 लोकसभा सीटों में से दो से अधिक सीटें मिलने की संभावना नहीं है। बिहार में एनडीए के सहयोग दलों में जेडीयू, बीजेपी, आरएलएसपी और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की पार्टी (एलजेपी) शामिल है।