छात्राओं को स्कूटी भाजपा का मास्टर स्ट्रोक, धान, टमाटर में दृष्टिहीन…

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बाखबर/
राघवेन्द्र सिंह

मध्य्प्रदेश कांग्रेस के वचन पत्र में किसानों के दो लाख के कर्ज माफी के बाद भाजपा केंप में चिंता थी। इसके जवाब में उसने जो दृष्टि पत्र जारी किया किसानों को रोजगार का वादा कर बैलेंस करने की कोशिश की। दूसरी तरफ शिवराज मामा ने अपनी भांजियों के लिये कक्षा 12 वीं में 75 फीसदी से ज्यादा अंक लाने पर स्कूटी देने का वादा कर एक किसम से भाजपा ने मास्टर स्ट्रोक मारने की कोशिश की है। लेकिन किसानों को रोजगार का वादा कर उनकी आय दोगुनी नहीं कर पाने के गर्म होते मुद्दे पर भरोसे की राख डालने की प्रयास किया है। मगर आलू – प्याज के बाद सबसे ज्यादा पैदा होने वाले टमाटर के मसले पर भाजपा के दिग्गज एक दफा फिर चूक गये।
SCOTTY BJP Master’s in Stroke, Paddy, Tomato, Blind …
मध्यप्रदेश में सबको पता है सोयाबीन के बाद खरीफ की फसल में पिछले एक दशक से धान का रकबा बढ़ा है जिसने किसानों को समृद्धि भी दी है लेकिन कई बार लागत मूल्य नही मिलने से किसाने के गले फांसी भी लगी है। भोपाल से लगे सीहोर, होशंगाबाद, रायसेन, उदयपुरा, बैतूल, जबलपुर, नरसिंहपुर ऐसे जिलें है जहां धान खास तौर से बासमती बड़े पैमाने पर लगाई जाती है। एक साल ऐसा आया था जब धान का बाजार मूल्य चार हजार रुपए प्रति क्विंटल किसानों को मिला था।

इसके बाद किसानों की माली हालत में उछाल आया था तब से अब तक किसान धान की कीमत चार हजार रुपए क्विंटल की उम्मीद लगाकर हर साल रोपाई करता है। मगर लागत तो बढ़ रही है लेकिन कीमत घट रही है। पिछले साल ही 22 सौ से 29 सौ रुपए प्रति क्विंटल बमुश्किल बासमती धान बिक पाई थी। इस बार बासमती बाजार में आने वाली है और अभी उसका दाम 2800-3000 रुपएं प्रति क्विंटल के आसपास धान क्रय करने वाली कंपनियां बता रही है।

प्रदेश की बासमती को निर्यात के लिए पंजीकृत कराने के मामले में दृष्टि पत्र में कोई जिक्र नही हुआ है। हालांकि यह बारीक मामला है लेकिन इसपर सत्ताधारी दल को ध्यान देना चाहिये था। इसी तरह टमाटर का उचित मूल्य दिलाने के मामले में दृष्टि पत्र दृष्टि हीन नजर आया। सड़कों पर मुफ्त के भाव प्याज-टमाटर फैंके जाने के सीन लोग भूले नही होंगे।

भाजपा ने जगत मामा शिवराज की भांजियों को स्कूटी देने का वादा कर जरूर उन लाखों लाख नए वोटरों को अपने साथ लाने की अच्छी कोशिश की है। पढ़ने वाले भांजे – भांजियों को लेपटॉप और मोबाईल तो भाजपा सरकार पहले से ही दे रही है। कांग्रेस से तुलना करे तो किसानों की कर्ज माफी जैसे मुद्दा जुड़ा कोई सुपर शॉट नही दिखा। कांग्रेस ने हर ग्राम पंचायत में गौ शाला खोलने का जो वादा किया है उसके मुकाबले भाजपा ने संभाग में गौ अभ्यारण्य के साथ 50 गोकुल ग्राम बनाने का भी ऐलान किया है।

कह सकते हैं कांग्रेस का किसान कर्ज माफी का वादा उसके लिये ठीक भी है क्योंकि कांग्रेस के पास सत्ता में आने के लिए खोने को कुछ नही हैं और दिवालिया हो रहे प्रदेश में 75 हजार करोड़ की किसान कर्ज माफी से उसके लिए सत्ता हासिल होती है तो घाटे का सौदा नही हैं। अलग बात है कि राहुल बाबा ने इसपर भरोसा पाने के लिए कह दिया है कि सत्ता में आये तो दस दिन में कर्जा माफ नहीं करने वाले सीएम को भी साफ कर देंगे। अब नारों से भरोसे पाने की कोशिश हो रही है तो यह राहुल बाबा का भाजपा के चतुर सुजानों के लिए बड़ी चुनौती है।

कुलमिलाकर कांग्रेस ने किसानों को और भाजपा ने किसानों के साथ भांजियों पर अर्थात आधी आबादी पर फोकस किया है। हम फिर कहेंगे तंगहाल मध्यप्रदेश के पास कर्जा माफी, स्कूटी देने के लिए दोनों पार्टियों ने आर्थिक प्रबंध कैसे करेगी यह नही बताया है। जिस राज्य में कर्मचारियों को वेतन कर्ज लेकर और विकास कार्यों का भुगतान संपत्ति बेचकर करने की नौबत आ रही हो हमें तो ठग्स आॅफ हिन्दुस्तान का शीर्षक याद आ रहा है। मतदान के पहले वोटर भगवान और रिजल्ट आने के बाद लीडर भगवान। इसीलिए मतदान तक मतदाताओं की जय जय और परीणाम आने के बाद नेताओं की जय जय…