नई दिल्ली। 1971 में बांग्लादेश के स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बावजूद पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतें करता रहता है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस बांग्लादेश में सक्रिय आतंकी संगठनों और गैरसरकारी संगठनों को फंडिंग कर रही है। शेख हसीना सरकार ने पाकिस्तान की मदद पर पल रहे इन आतंकी संगठनों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई शुरू की है। आपको बता दें कि बांग्लादेश में ऐसे समय में यह आॅपरेशन शुरू किया गया है जब एक महीने के बाद 23 दिसंबर को संसदीय चुनाव होने हैं। पड़ोसी देश होने के नाते आतंकवाद के खिलाफ ऐक्शन भारत की स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण है।
Sekh Hasina government action on funding to active terrorist organizations in Bangladesh, action taken against organizations
पुलिस ने एक आतंकी संगठन से संबंधित एनजीओ के कई कर्मचारियों को पकड़ा है। इसके साथ ही एक बीमा कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की गई है। इन सभी को पाकिस्तान से फंड मुहैया कराया जा रहा था। बांग्लादेश की एजेंसियों ने आतंकियों के कई ठिकानों को ढूंढ निकाला है और धर्मनिरपेक्ष ब्लॉगरों को निशाना बनाने के लिए सेना के एक अफसर के खिलाफ भी जांच शुरू की गई है।
100 मारे, 1500 से ज्यादा गिरफ्तार
बांग्लादेश के सरकारी अधिकारियों ने इकनॉमिक टाइम्स को बताया कि 2016 के कैफे अटैक के बाद से आतंकी संगठनों और उनके समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई। उसके बाद आॅपरेशन में 100 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया गया और 1500 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया।
आतंकवाद में एनजीओ का भी हाथ?
एनजीओ स्मॉल काइंडनेस बांग्लादेश के 8 कर्मचारियों को पुलिस ने टेरर फाइनैंसिंग के आरोप में गिरफ्तार किया। इन लोगों के संबंध एक प्रतिबंधित संगठन अंसार-अल-इस्लाम से थे। अधिकारियों ने बताया कि बांग्लादेश की सेना का एक मेजर बाद में आतंकी लीडर बन बैठा। तीन साल पहले एक जानेमाने प्रकाशक की हत्या में भी उसका नाम सामने आया। एक अधिकारी ने बताया कि पब्लिशर फैजल दीपान की हत्या का मास्टरमाइंड बर्खास्त और भगोड़ा मेजर सैयद जियाउल हक था।
ब्लॉगर को निशाना बनाने के प्लान में प्रतिबंधित अंसारुल्ला बांग्ला टीम के सात अन्य आॅपरेटिव भी थे। 2015 में ढाका के शाहबाग इलाके में 43 वर्षीय दीपान की उनके आॅफिस में हत्या कर दी गई थी। बांग्लादेश के एक अधिकारी ने बताया कि हक प्रतिबंधित संगठन का आॅपरेशनल चीफ है और उसने प्रो-इस्लामिक सैन्य तख्तापलट भी की भी कोशिश की थी।
ऐक्शन भारत के लिए अहम
उधर, पीएम हसीना ने साफ कहा है कि बांग्लादेश अपनी धरती पर किसी आतंकी गतिविधि, आतंकियों के फलने-फूलने या भारत समेत अपने देश के खिलाफ क्रियाकलाप करने की इजाजत नहीं देगा। आतंकवाद को लेकर उनका सख्त रुख भारत की स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों का कहना है कि आतंकवाद पर सख्ती से ही बांग्लादेश आईएसआई की गतिविधियों का केंद्र बनने से खुद को रोक सकता है।

