छह जवानों समेत सात की मौत, बचाव कार्य जारी

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शिमला

हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के कुम्हारहट्टी-नाहन मार्ग पर एक बहुमंजिला इमारत गिर गई। बिल्डिंग के नीचे सेना के करीब 35 जवान मौजूद थे, जिनमें से 17 को बचा लिया गया है।

सोलन के एडीएम विवेक चंदेल ने बताया कि इस हादसे में अब तक सात मौतें हो चुकी हैं। मृतकों में सेना के छह जवानों के साथ एक आम नागरिक शामिल है। अभी कई जवान मलबे में फंसे हुए हैं।

सोलन के उपायुक्त केसी चमन का कहना है कि इमारत कैसे गिरी यह जांच का विषय है। हम जांच करेंगे। यह बिल्डिंग 2009 में बनाई गई थी। पिछले दिनों एक मंजिल और बढ़ाई गई थी। मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज क जा चुकी है।

सात घायलों को नजदीकी अस्पताल धर्मपुर लाया गया है जहां इनका उपचार जारी है। परवाणू और सोलन से सात एंबुलेंस को मौके के लिए रवाना कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि बिल्डिंग में ढाबा चल रहा था, जहां 34 जवान खाना खाने के लिए रुके हुए थे।  घायल जवान सुरजीत ने बताया कि वह ढाबा में खाना खा रहे थे तो आचानक धरती हिली ओर एकदम से पूरी इमारत गिर गई।

इसके बाद उन्हें कोई पता नहीं चला। उन्होंने बताया कि उनके साथ 30 आर्मी के जूनियर ऑफिसर व चार आर्मी जवान शामिल थे। सभी डगशाई बटालियन के जवान हैं और रविवार का दिन होने के कारण सभी ने लंच बाहर करने का प्लान बनाया था।

बताया जा रहा है कि बिल्डिंग के मालिक साहिल कुमार का परिवार भी यहीं रहता था। गनीमत रही कि हादसे के वक्त बच्चे बाहर खेल रहे थे लेकिन साहिल की पत्नी मलबे में दब गई थी जिसे गंभीर हालत में बाहर निकाला गया।

मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने इस घटना के बाद कहा कि हम जिंदगियां बचाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। राहत कार्य के लिए पंचकूला से एनडीआरएफ की टीम पहुंच गई है। सेना और पुलिस के जवान पहुंच चुके हैं। उन्होंने रविवार शाम को कहा कि दस लोगों को बचाया जा चुका है। हेलीकॉप्टर को मदद के लिए स्टैंडबाई रखा गया है।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने डीसी से हादसे को लेकर बात की और राहत के लिए हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। ट्वीट कर मुख्यमंत्री ने बताया कि राहत कार्य में सेना, पुलिस के अलावा एनडीआरएफ की टीमें जुटी हैं। मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने स्थिति से निपटने के  लिए एनडीआरएफ से संपर्क साधा और एक टीम को पंचकूला से मौके पर पहुंचने के लिए रवाना किया गया।

घटनास्थल पर तत्काल राहत सामग्री पहुंचाने के लिए सुन्नी में मौजूद एनडीआरएफ के तीन जवानों को जरूरी उपकरणों के साथ हेलीकॉप्टर से एयर लिफ्ट कर पहुंचाया गया। इसके बाद हेलीकॉप्टर को आगे भी जरूरी मदद के लिए स्टैंडबाय पर रखा गया। इसके अलावा मानसून सीजन के चलते सुन्नी में तैनात की गई एनडीआएफ की टीम से 29 और जवानों को सड़क मार्ग से घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।