सिख दंगे: जेटली ने कमलनाथ को सीएम बनाने पर उठाए सवाल, दिग्विजय का पलटवार

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नई दिल्ली। 1984 सिख दंगों में सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद कांग्रेस के लिए ‘कहीं खुशी कहीं गम’ वाली स्थिति बन गई है। बीजेपी ने दंगे के दोषियों को बचाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने कमलनाथ को सीएम बनाने के कांग्रेस के फैसले पर सवाल उठाया, तो कांग्रेस की तरफ से दिग्विजय सिंह ने मोर्चा संभाला। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि जेटली जी आपसे यह उम्मीद नहीं थी। आपको बता दें कि कमलनाथ आज मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं।
Sikh riots: Jaitley questions raising Kamal Nath to CM, Digvijay’s remark
उधर, शिरोमणि अकाली दल ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा है। केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि आज सज्जन कुमार पर फैसला आया, कल जगदीश टाइटलर पर आएगा और आगे कमलनाथ और गांधी परिवार की बारी है। उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री मोदी को शुक्रिया अदा करना चाहती हूं कि उन्होंने 2015 में शिरोमणि अकाली दल के अनुरोधर पर 1984 नरसंहार की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया। यह ऐतिहासिक फैसला है।

सुबह फैसला आने के फौरन बाद जेटली ने पत्रकारों से कहा, ‘यह विडंबना है कि फैसला उस दिन आया है जब सिख समाज जिस दूसरे नेता को दोषी मानता है, कांग्रेस उसे मुख्यमंत्री की शपथ दिला रही है।’ इस पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने बीजेपी पर पलटवार किया। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘अरुण जेटली जी आपसे यह उम्मीद नहीं थी। कमलनाथ जी पर ना तो इस प्रकरण में कोई ऋकफ है ना चार्जशीट है और ना किसी अदालत में कोई प्रकरण है। 91 से केंद्र में मंत्री रहे तब आपको कोई आपत्ति नहीं थी, अब आपको क्या हो गया?’

जेटली ने क्या कहा?
इससे पहले जेटली ने कहा कि कांग्रेस 1984 की सच्चाई सामने नहीं आने देना चाहती थी जबकि एनडीए ने दोषियों की जवाबदेही तय की है। सोमवार को फैसला आने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए जेटली ने कहा, ‘आज जो निर्णय आया है। हम एनडीए की तरफ से इसका स्वागत करते हैं। 1984 से बड़ा नरसंहार इस देश ने कभी नहीं देखा। मासूमों, बुजुर्गों और महिलाओं की हत्याएं हुईं।’ उन्होंने कहा कि सिख दंगों का दाग कांग्रेस के दामन से कभी नहीं धुलेगा।

वित्त मंत्री ने आगे कहा कि सज्जन कुमार सिख दंगों का प्रतीक बन चुके थे। इसके बाद भी कांग्रेस ने अपने नेताओं को बचाने का पूरा प्रयास किया और वह इसे कवरअप करना चाहती थी। उन्होंने कहा कि दो बार पहले वाजपेयी और फिर मोदी सरकार में निष्पक्षता से जांच हुई और अब जाकर सजा मिलनी शुरू हुई है। जेटली ने कहा कि 84 दंगों का फैसला भले ही विलंब से आया हो पर न्याय मिलना शुरू हो गया है।

कमलनाथ के खिलाफ बग्गा की भूख हड़ताल
कांग्रेस नेता कमलनाथ को मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री पद के लिये मनोनीत किए जाने के विरोध में दिल्ली बीजेपी के एक नेता सोमवार को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता सिख विरोधी दंगों में शामिल थे। पश्चिमी दिल्ली के तिलक नगर में बीजेपी नेता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। इस इलाके में 1984 के सिख विरोधी दंगों से प्रभावित कई परिवार रहते हैं।