मप्र: विस में पेश हुआ 22 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट, किसान कर्जमाफी के लिए 5000 हजार करोड़

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भोपाल। मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए सरकार ने मंगलवार को विधानसभा में 22 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का द्वितीय अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया। इसमें कर्जमाफी योजना के लिए पांच हजार करोड़ रुपए रखे गए तो मेट्रो परियोजना के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
Supplementary budget of Rs 22 thousand crore presented in VISA, Rs 5,000 crore for farmers’ debt waiver
अध्यापक, शिक्षाकर्मी और संविदा शाला शिक्षकों के मानदेय के लिए दो हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का इंतजाम किया है। फसल बीमा योजना के लिए एक हजार करोड़ और फ्लेट भावांतर भुगतान के लिए डेढ़ हजार करोड़ रुपए रखे गए हैं। अनुपूरक बजट पर 10 और 11 जनवरी को सदन में चर्चा होगी। इसके बाद इसे पारित किया जाएगा।

वित्तमंत्री तरुण भनोत ने मंगलवार को द्वितीय अनुपूरक अनुमान प्रस्तुत किया। इसमें सहकारी बैंकों की वित्तीय स्थिति सुधारने अंशपूंजी के लिए एक हजार करोड़ रुपए, सड़क निर्माण के लिए पौने दो हजार करोड़ रुपए, कृषि क्षेत्र को सवा सात हजार करोड़ रुपए से ज्यादा दिए गए हैं। मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान के लिए 20 करोड़ रुपए, मंत्रियों के स्वेच्छानुदान के लिए एक करोड़ और सहायता अनुदान में 50 लाख रुपए रखे गए हैं।

राज्य निर्वाचन आयोग के एक और महाधिवक्ता कार्यालय के लिए चार नए वाहन खरीदने 43 लाख, सचिवालय सेवाओं के वेतन-भत्ते और चिकित्सा व्यय के लिए 15.66 करोड़, होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा के अंतर्गत विशेष सेवाओं के लिए मानदेय देने सौ करोड़, लघु वनोपज संघ के लिए 479 करोड़, नर्मदा किनारे वनभूमि पर पौधरोपण के लिए 15 करोड़, उदय योजना से पुनर्विनियोजित राशि की प्रतिपूर्ति के लिए ऊर्जा विभाग को एक हजार करोड़ रुपए, सहज बिजली हर घर बिजली योजना में 82 करोड़, टैरिफ सबसिडी के लिए बिजली वितरण कंपनियों को 655 करोड़, नि:शुल्क बिजली के लिए 455 करोड़ और बिजली वितरण प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए 280 करोड़ और फीडर सेपरेशन के लिए 197 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैें।

बिना वित्तीय प्रावधान के निकायों के भरोसे चल रही दीनदयाल रसोई घर योजना के लिए कांग्रेस सरकार ने सौ रुपए का टोकन बजट देकर नई मद शुरू की है। हाउसिंग फॉर आॅल के लिए 1905 करोड़, अमृत योजना में अनुदान के लिए 1328 करोड़ रुपए, मेट्रो रेल परियोजना के लिए 100 करोड़ रुपए रखे गए हैं। चार नई सिंचाई परियोजना (सुठालिया, हनौता, ताप्ती और भन्नी) के लिए सौ-सौ रुपए का प्रतीकात्मक बजट रखा गया है।

सड़कों के लिए भी सरकार ने भरपूर राशि लोक निर्माण विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को दी है। जनसंपर्क विभाग के लिए लगभग सौ करोड़, पेंशन योजनाओं के लिए सौ करोड़, खाद्यान्न् खरीदी में नागरिक आपूर्ति निगम और राज्य सहकारी विपणन संघ को हानि की भरपाई के लिए सौ करोड़, कॉलेजों के शिक्षकों को सातवें वेतनमान का एरियर भुगतान करने 373 करोड़ रुपए, इंदौर में स्टेट इंस्टीट्यूट आॅफ एलाइट हेल्थ की स्थापना के लिए आठ करोड़ का इंतजाम अनुपूरक बजट में किया गया है।