भोपाल। अब आरक्षित वर्ग के लोगों को नया जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ज्यादा भटकना नहीं पड़ेगा। यदि पहले से परिवार में पिता, भाई या अन्य किसी सदस्य का जाति प्रमाण पत्र है तो फिर नया जाति प्रमाण पत्र बिना किसी छानबीन के बनेगा। साथ ही आवेदक की जाति और निवास को लेकर छानबीन जरूरी नहीं है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से नए सिरे से निर्देश जरी किए गए हैं।
… the caste certificate will be made without scrutiny, the new government issued by the state government
नया जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पटवारी, वार्ड मैंबर, सरपंच-सचिव की टीप की अनिवार्यता नहीं रहेगी। मैन्युअल से डिजिटल जाति प्रमाण-पत्र महज 3 दिन में बनाकर दे दिया जाएगा। तो नए आवेदनों का निराकरण भी अब एक माह की जगह महज 15 दिन में होगा। इस संबंध में सामान्य प्रशासन भोपाल विभाग की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं कि स्कूल में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के अभियान अंतर्गत एवं मप्र के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के नागरिकों के लिए डिजिटल जाति प्रमाण पत्र की सुविधा दी गई है।
3 दिन में बनेंगे प्रमाण पत्र
सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी कलेक्टरों को जारी किए गए निर्देश में कहा गया है कि ऐसे लोगों के जाति प्रमाण पत्र बगैर किसी छानबीन के बनाए जाएंगे, जिनके परिवार के किसी सदस्य का पहले भी प्रमाण पत्र बनाया जा चुका है। आरक्षित वर्ग के सभी लोगों के जाति प्रमाण पत्र अब डिजिटल होंगे। उनके मैन्युअल प्रमाण पत्रों को डिजिटल में परिवर्तित किया जाएगा। सरकार ने इसे लोक सेवा गारंटी कानून में रखते हुए मैन्युअल से डिजिटल प्रमाण पत्र तैयार करने की समय सीमा तीन दिन तय कर दी है।
इन दस्तावेजों के आधार पर बनेंगे कार्ड
आवेदक के परिवार के किसी सदस्य दादा, पिता, चाचा, भाई, बहन को जारी मैन्युअल, डिजिटल जाति प्रमाण-पत्र की स्वयं द्वारा सत्यापित छाया प्रति। राशन कार्ड, पात्रता-पर्ची, अन्य दस्तावेज जिसमें परिवार के सदस्य का उल्लेख हो की स्वयं द्वारा सत्यापित छायाप्रति।
मैन्युअल जाति प्रमाण पत्र भी होंगे डिजिटल
जाति प्रमाण पत्र के साथ, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट आदि की सत्यापित छायाप्रति लगाई जाएगी। मैन्युअल जाति प्रमाण-पत्र भी अब डिजिटल हो सकेंगे। इसके लिए आवेदक को उसके मैन्युअल प्रमाण-पत्र की मूल प्रति जमा करना होगी। साथ ही अपना परिचय-पत्र, वोटर आईडी कार्ड आदि भी लगाना होंगे। इसके आधार पर मात्र 3 दिन में डिजिटल कार्ड मिल जाएगा।
कलेक्टर को कर सकेंगे शिकायत
यदि समय-सीमा में डिजिटल जाति प्रमाण-पत्र नहीं मिलता है तो उसकी अपील भी कलेक्टर से लेकर कमिश्नर तक की जा सकती है। 3 दिन के भीतर मैन्युअल से और 15 दिन के भीतर नए आवेदन पर डिजिटल कार्ड नहीं मिले तो कलेक्टर के यहां अपील की जा सकती है। इसके बाद भी यदि क्रमश: 7 और 30 दिन बाद भी निराकरण न हुआ तो कमिश्नर के यहां अपील की जा सकेगी।

