शशी कुमार केसवानी
सीजलर की शुरुआत हिंदुस्तान में 1963 में हुई थी। फिरोज इरानी द्वारा मुंबई में इसको एक नए स्वरूप में तैयार किया। यह सबसे पहले मुंबई में आया था। जो अमेरिकी खाने से प्रेरित था। तब से इस देश में कई सीजलर होटल अलग से बन गए। जिनकी देश में एक अलग पहचान है। सीजलर खाने के लोग बहुत शोकीन होते है। सीजलर अब बारिश में खाने का एक अलग ही आनंद होता है। भोपाल के होटल सायाजी में चल रहा सीजलर फेस्टीवल लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, वैसे भी भोपाल में सायाजी अलग पहचान रखता है। पूलसाईड डिनर का मजा अलग ही है। साथ में बारिश का मौसम, ऊपर से गरमागरम सीजलर मिल जाए बस मजा ही आ जाता है।

30 जुलाई तक चलने वाला यह फेस्टीवल भोपाल वालों के लिए एक सुनहरा अवसर है जहां भोपाल में सीजलर का चलन बहुत कम है हालांकि लोगों को सीजलर खाना बहुत पसंद है और साथ में बारह तरह के सीजलर वेज नॉनवेज मिल जाए तो मजा ही आ जाता है। साथ में बुफे डिनर जिसमें बहुत तरह का खाना परोसा गया है। गजल सुनते हुए खाने का मजा और भी बढ़ जाता है। ऊपर से अनेकों तरह के मीठे मिल जाए तो यह लगता है कि जीवन में जैसे कुछ मिठास सी घुल गई है। ऐसे सुहाने मौसम में सीजलर का मजा उठाना बनता है। इस सबको तैयार करने के लिए होटल के जीएम एंड डॉयरेक्टर विनोद त्रिपाठी के अथक प्रयास है। साथ ही साथ शेफ की एक लंबी टीम भी काम कर रही है।