सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर पुजारियों ने जताया विरोध शुद्धिकरण के बाद मंदिर के खुले कपाट

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तिरुवंतपुरम। करीब 40 साल उम्र की दो महिलाओं ने बुधवार को भगवान अयप्पा के सबरीमाला मंदिर में प्रवेश किया और पूजा-अर्चना की। सुप्रीम कोर्ट द्वारा 10 से 50 साल की महिलाओं के प्रवेश पर रोक को खत्म करने के बाद यह पहली बार है जब इस उम्र की महिलाओं ने प्रवेश किया है। बता दें कि महिलाओं की एंट्री के बाद पुजारियों ने विरोध जताते हुए शुद्धिकरण के लिए मंदिर के कपाट बंद कर दिए थे। शुद्धिकरण की धार्मिक प्रक्रिया के बाद कपाट फिर खोल दिए हैं।
The priests protested at the entry of women in Sabarimala temple after the purification of the temple’s open cupboard
कोझीकोड की रहने वाली सीपीआई (एमएल) कार्यकर्ता बिंदु (42 साल) और मलप्पुरम की रहने वाली सिविल सप्लाई कर्मचारी कनकदुर्गा ने बताया कि उन्होंने भगवान अयप्पा के मंदिर के लिए रात में चढ़ाई करनी शुरू की और सुबह तीन बजकर पैंतालीस मिनट पर दर्शन के लिए पहुंचीं।

जब दोनों महिलाओं ने मंदिर में जाने का अपना वीडियो रिलीज किया तो सीएम पिनाराई विजयन ने भी इस बात की पुष्टि की। कनकदुर्गा ने बताया कि ‘हम बीच रात के आस-पार पंबा पहुंंचे और बिना पुलिस सुरक्षा के ही आगे बढ़ने लगे। किसी ने भी हमारा विरोध नहीं किया। वहां भक्त लोग मौजूद थे लेकिन किसी ने भी हमारा रास्ता नहीं रोका और न ही किसी ने हमसे कोई सवाल पूछा।’